विधानसभा सत्र के दूसरे दिन मंगलवार को ड्रग्स मसले पर विपक्ष की ओर से बादल सरकार के खिलाफ लाया गया अविश्वास प्रस्ताव वल्टोहा के अतीत के मुद्दे पर केंद्रित होकर रह गया।
कांग्रेस की ओर से गठबंधन सरकार के खिलाफ लाया गया अविश्वास प्रस्ताव ध्वनि मत से गिर गया। वल्टोहा के माफी मांगने और मुख्यमंत्री प्रकाश सिंह बादल, स्पीकर चरनजीत सिंह अटवाल व उप मुख्यमंत्री सुखबीर बादल की कोशिशों का भी विपक्ष पर असर नहीं हुआ। विपक्ष पहले वल्टोहा की सदस्यता खारिज करने की मांग करता रहा, बाद में उनके निलंबन की मांग करते हुए सदन से वॉकआउट कर गया।
प्रश्नकाल समाप्त होते ही नेता प्रतिपक्ष सुनील जाखड़ ने स्पीकर से स्वीकृति मिलने पर अविश्वास प्रस्ताव पेश किया। जाखड़ ने कहा कि इस वक्त पंजाब के एक करोड़ युवा नशों से प्रभावित हैं। उन्होंने कहा कि इसी मुद्दे पर गुलजार सिंह रणिके और सरवन सिंह फिल्लौर ने मंत्री पद से इस्तीफे दे दिए थे।
राजस्व मंत्री बिक्रम सिंह मजीठिया को ईडी के समन जारी होने के बाद सरकार को इस्तीफा दे देना चाहिए। जाखड़ ने कहा कि अविश्वास प्रस्ताव के खिलाफ जाकर भाजपा ने लोगों से धोखा किया है।