चंडीगढ़। राष्ट्रीय स्तर के निशानेबाज सुखमनप्रीत सिंह उर्फ सिप्पी सिद्धू की हत्या के मामले में पीड़ित परिवार ने सीबीआई अदालत में याचिका दायर कर चंडीगढ़ पुलिस के तत्कालीन पुलिस अधिकारियों पर सबूत मिटाने का केस चलाने की मांग की है। दायर याचिका में चंडीगढ़ पुलिस में डेपुटेशन पर आए तत्कालीन एएसपी गुरइकबाल सिंह सिद्धू और सेक्टर-26 की तत्कालीन एसएचओ पूनम दिलावरी पर सबूत मिटाने का आरोप लगाया गया है। सिप्पी सिद्धू को न्याय दिलाने की लड़ाई लड़ रहे उनके भाई जसमनप्रीत सिंह सिद्धू ने चंडीगढ़ पुलिस के तत्कालीन अधिकारियों पर सिप्पी के हत्यारों को बचाने और मामले से संबंधित सबूत खुर्दबुर्द करने का आरोप लगाते हुए कहा है कि यह केवल आरोप मात्र नहीं है, सबूत खुर्दबुर्द करने का जिक्र सीबीआई की ओर से वर्ष 2021 में दायर की गई क्लोजर रिपोर्ट में भी किया गया था लेकिन मामले में मुख्य आरोपी कल्याणी की गिरफ्तारी और उसके खिलाफ दायर चार्जशीट के चलते कोर्ट ने क्लोजर रिपोर्ट को खारिज कर दिया था। मामले में अदालत ने सिप्पी के परिवार की ओर से सीबीआई की क्लोजर रिपोर्ट के खिलाफ दायर की गई प्रोटेस्ट पिटीशन को भी खारिज कर दिया था। इसके बाद परिवार ने इसलिए अब पीड़ित परिवार ने मजिस्ट्रेट कोर्ट के आदेशों को सीबीआई की विशेष अदालत में चुनौती देते हुए याचिका दायर की है। परिवार की ओर से दायर की गई पुनर्विचार याचिका पर 7 जून को सुनवाई होगी।
क्या था मामला
सेक्टर-27 के पार्क में 20 सितंबर 2015 को सिप्पी सिद्धू की गोलियां मारकर हत्या कर दी गई थी। मामले में सेक्टर 26 थाना पुलिस ने अज्ञात के खिलाफ हत्या समेत अन्य धाराओं के तहत केस दर्ज किया था लेकिन तमाम प्रयासों के बाद भी इस हत्याकांड को सुलझाने में पुलिस पूरी तरह से नाकाम साबित हुई थी। पीड़ित परिवार की ओर से लगाए जा रहे आरोपों और मामले की गंभीरता को देखते हुए इस केस को वर्ष 2016 में सीबीआई को ट्रांसफर कर दिया गया था। सीबीआई इस केस में पूछताछ और पड़ताल करती रही लेकिन सात साल बाद भी यह हत्याकांड नहीं सुलझा। मामले में सीबीआई ने अनट्रेस रिपोर्ट भी फाइल कर दी। इसके बाद भी सीबीआई ने जांच जारी रखते हुए बीते साल जून माह में कल्याणी को गिरफ्तार किया था, जिसके बाद से कल्याणी के खिलाफ सीबीआई की विशेष अदालत में केस चल रहा है।