राष्ट्रीय स्तर के निशानेबाज और वकील सुखमनप्रीत सिंह उर्फ सिप्पी सिद्धू की हत्या में गिरफ्तार हिमाचल प्रदेश की कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश की बेटी कल्याणी सिंह का चार दिन का रिमांड खत्म होने पर सीबीआई ने उसे रविवार को जिला अदालत में पेश किया। सीबीआई ने कल्याणी का सात दिन का और रिमांड मांगा लेकिन अदालत ने केवल दो दिन का रिमांड बढ़ाया।
सुनवाई के दौरान सीबीआई के वकील नरिंदर सिंह ने दलील दी कि इस हत्याकांड में कल्याणी के अलावा एक और आरोपी शामिल है, जिसकी गिरफ्तारी बाकी है। वहीं चार दिन के रिमांड के दौरान कल्याणी ने पूछताछ में सीबीआई का कोई सहयोग नहीं किया है। सीबीआई ने चार दिनों में कल्याणी से कई सवाल पूछे लेकिन उसने किसी सवाल का जवाब नहीं दिया। ऐसे में अगर कल्याणी अगर सहयोग नहीं करेगी तो दूसरे आरोपी तक पहुंचने में समस्या होगी।
वहीं बचाव पक्ष के वकील ने इस रिमांड की मांग का विरोध करते हुए दलील दी कि बीते चार दिन के रिमांड में सीबीआई के हाथ खाली रहे हैं। अब सीबीआई कल्याणी से जबरन गुनाह कबूल करवाना चाहती है। अदालत ने दोनों पक्षों की दलीलों को सुनने के बाद कल्याणी को दो दिनों के रिमांड पर भेज दिया।
फॉरेंसिक साइकोलॉजिस्ट के सामने करेंगे पूछताछ: सीबीआई
सीबीआई ने कहा कि आरोपी कल्याणी कानून की विद्यार्थी रही है इसलिए कानूनी दांवपेच जानती है। पूछताछ में वह मामले से जुड़े सभी तथ्यों को नकार रही है। ऐसे में सीबीआई शेष पूछताछ फॉरेंसिक साइकोलॉजिस्ट के सामने करना चाहती है।
घटना के दिन नानी के घर थी कल्याणी
बचाव पक्ष के वकील ने अदालत को बताया कि जिस वक्त सिप्पी सिद्धू की हत्या हुई उस समय कल्याणी किसी का जन्मदिन मनाने अपनी नानी के घर गई हुई थी। इससे जुड़ी तस्वीरें और कुछ चैट कल्याणी के वकील ने अदालत के सामने पेश भी किए। चैट में बताया गया कि कल्याणी की बहन उसे दूसरे कमरे में आने के लिए कह रही थी।
सिप्पी की मां पर लगाया धमकाने का आरोप
सुनवाई के दौरान कल्याणी के वकील ने आरोप लगाते हुए कहा कि सिप्पी की मां ने सीबीआई ऑफिस में जाकर कल्याणी को धमकाया और गालियां दी थीं। वहीं सिप्पी की मां ने इस बात का विरोध किया और कहा कि उन्होंने किसी को नहीं धमकाया, उन्होंने सिर्फ इतना कहा था कि 18 सितंबर 2015 को कल्याणी ही सिप्पी से मिलने आई थी। इसकी पुष्टि करवाते हुए उन्होंने अदालत को बताया कि कल्याणी ने उस समय क्या कपड़े पहने थे।
सुबह से अदालत के दरवाजे पर बैठी थीं सिप्पी की मां
चार दिन का रिमांड खत्म होने के बाद जैसे ही आरोपी कल्याणी सिंह को फिर से अदालत में पेश किया जाना था। मृतक सिप्पी की मां सुबह साढ़े 9 बजे से ही आकर अदालत के दरवाजे पर बैठी थीं। उन्होंने कहा कि उनको न्याय व्यवस्था पर पूरा भरोसा है, अपने बेटे को इंसाफ दिलवाने के लिए वह अंत तक लड़ती रहेंगी।