पाकिस्तान रवाना होते सिख श्रद्धालु।
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गुरुद्वारा श्री ननकाना साहिब में श्री गुरु नानक देव जी का प्रकाश पर्व मनाने के लिए एसजीपीसी ने रविवार को अटारी सीमा के रास्ते सिख श्रद्धालुओं का जत्था पाकिस्तान रवाना किया। मास्टर प्रीत सिंह के नेतृत्व में जत्थे के सदस्यों ने जयकारों के बीच जीरो लाइन पार कर वाघा के रास्ते पाकिस्तान में प्रवेश किया। महाप्रबंधक के तौर पर एसजीपीसी अधिकारी वरिंदर सिंह ठरू और हरपाल सिंह जत्थे के साथ पाकिस्तान गए।
जत्थे की रवानगी से पहले एसजीपीसी के सदस्य भाई मनजीत सिंह और सचिव प्रताप सिंह समेत अन्य अधिकारियों ने नेताओं और श्रद्धालुओं को सिरोपा भेंट किया। जत्थे का नेतृत्व करने वाले मास्टर प्रीत सिंह ने कहा कि जगत गुरु श्री गुरु नानक देव जी के प्रकाश पर्व के जत्थे का नेतृत्व करना गौरव की बात है।
एसजीपीसी के सचिव प्रताप सिंह का कहना है कि गुरुद्वारा श्री ननकाना साहिब में प्रकाश पर्व मनाने के लिए गया जत्था पाकिस्तान स्थित अन्य गुरुधामों के दर्शन भी करेगा। सात नवंबर को जत्था गुरुद्वारा श्री ननकाना साहिब से गुरुद्वारा श्री सच्चा सौदा, मंडी चूहड़काना (शेखूपुर) में नतमस्तक होगा।
आठ नवंबर को यह जत्था गुरुद्वारा श्री ननकाना साहिब में होने वाले गुरु पूर्व समागम में शामिल होने के बाद नौ नवंबर को गुरुद्वारा श्री पंजा साहिब हसन अब्दाल रवाना होगा। 10 नवंबर को वहां रुकने के बाद 11 नवंबर को जत्था गुरुद्वारा श्री डेहरा साहिब, लाहौर और 13 नवंबर को गुरुद्वारा श्री डेहरा साहिब से गुरुद्वारा श्री रोड़ी साहिब ऐमनाबाद और गुरुद्वारा श्री करतारपुर साहिब के दर्शन करने के बाद शाम को श्री डेहरा साहिब लौट आएगा। 15 नवंबर यह जत्था गुरुद्वारा श्री डेहरा साहिब से भारत लौटेगा।
1496 ने किया था आवेदन, 586 को नहीं मिला वीजा
एसजीपीसी सदस्य भाई मनजीत सिंह ने कहा कि चाहे पूरे विश्व में श्री गुरु नानक देव जी के प्रकाश पर्व समागम सजाए जाते हैं लेकिन गुरु साहिब के प्रकाश अस्थान पर गुरुपर्व समागमों का हिस्सा बनना सौभाग्य के पल होते हैं। सरकारों को श्रद्धालुओं के वीजे काटने नहीं चाहिए। इससे भावनाओं को ठेस पहुंचती है। एसजीपीसी ने 1496 श्रद्धालुओं को वीजा देने हेतु पाकिस्तान हाई कमीशन को आवेदन भेजे थे। इनमें से 586 श्रद्धालुओं को वीजा नहीं मिला है।