कारगिल में शहीद की बेटी गुरमेहर कौर को रेप की धमकी पर सिख संगठन भड़क गए। वहीं, किसी ने गुरमेहर के हक में बात की तो कोई उसके खिलाफ खुलकर बोला। सिख सेवक सोसाइटी इंटरनेशनल ने कारगिल में शहीद हुए कैप्टन मंदीप हैरी की बेटी गुरमेहर कौर को एबीवीपी द्वारा धमकियां देने की घटना की सख्त निंदा की है।
सोसाइटी ने खालसा पंथ को अपील की है कि वह इस घटना के बाद एकजुट हो जाएं क्योंकि एबीवीपी की यह धमकी पूरी सिख कौम को है। इसके साथ ही पीएम मोदी से अपील की कि वे एबीवीपी पर लगाम लगाएं। एबीवीपी सिख कौम की लड़कियों को ऐसी धमकियां देने से बाज आए। उन्होंने कहा कि हमें इस बात का गर्व है कि गुरमेहर कौर हमारी बहादुर बेटी है। उसके पिता कैप्टन मंदीप हैरी की कुर्बानी को याद रखना चाहिए। उनकी बेटी की इज्जत पर हमला करने वाले भेड़िये हैं।
गुरमेहर कौर को तो सेल्यूट करना चाहिए
अल्फा महेंद्रू फाउंडेशन के महासचिव प्रतीक महेंद्रू का कहना है कि गुरमेहर कौर के जज्बे को सेल्यूट है। गुरमेहर कौर बहादुर है, जो खुलकर उन लोगों के विरोध में आ गई, जो सोशल मीडिया पर गैंगरेप की धमकी दे रहे हैं। ऐेसे लोग किसी भी पार्टी से संबंधित हैं, उनको जेल में डालना चाहिए। एक तरफ हम बेटियों को आगे बढ़ाने की बात करते हैं दूसरी तरफ हम बेटियों के साथ गैंगरेप की धमकियां सुन रहे हैं।
गुरमेहर कौर बचकाना बातें कर रही हैं
भाजपा नेता कमल शर्मा
- फोटो : फाइल फोटो
भारतीय जनता पार्टी के पूर्व प्रधान कमल शर्मा का कहना है कि वे 20 साल एबीवीपी में रहे हैं। उनको पता है कि अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद एक ऐसा संस्थान है, जिसके जरिये युवाओं को राष्ट्रभक्ति के साथ जोड़ा जाता है। राष्ट्रभक्ति की एक जिंदा मिसाल एबीवीपी है।
बाकी जो गुरमेहर कौर कह रही है, वह बचकाना हरकत है। जब बड़ी होंगी तो काफी कुछ समझ जाएंगी। वहीं पूर्व मंत्री व विधायक मनोरंजन कालिया का कहना है कि विश्वविद्यालय को राजनीति का अखाड़ा नहीं बनाना चाहिए। गुरमेहर कौर का यह कहना ही एक नासमझी है कि उसके पिता को जंग ने मारा है पाकिस्तान ने नहीं।
यह कैसी आजादी, जहां बोलने का हक नहीं
वरिष्ठ साहित्यकार सुरेश सेठ का कहना है कि हम इस देश में अभिव्यक्ति की आवाज के दावे करते हैं, छात्रों को भी हमने राजनीति में मुखर होने के लिए मतदान का अधिकार दे दिया है लेकिन यह कैसी अभिव्यक्ति की आजादी और कैसा मतदान का अधिकार है। अगर कोई छात्रा राजनीति के कंगलेपन के खिलाफ और राजनीति में हिंसक कार्रवाईयों के अनाचार के खिलाफ आवाज उठाने की कोशिश करती है तो उसके अपने शहीद पिता की सही पुत्री होने पर भी संदेह किया जाता है।
एबीवीपी पर बरसे कैप्टन अमरिंदर
अमरिंदर सिंह
- फोटो : SELF
प्रदेश कांग्रेस प्रधान कैप्टन अमरिंदर सिंह ने दिल्ली यूनिवर्सिटी की छात्रा को धमकी देने के मामले में अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद की निंदा की है। छात्रा ने हाल ही में रामजस कॉलेज में हिंसा करने वाले छात्र संगठन के खिलाफ आवाज उठाई थी। कारगिल के शहीद कैप्टन मनदीप सिंह की बेटी गुरमेहर कौर को उसके बाद से धमकियां मिल रही हैं।
कैप्टन ने कहा कि एबीवीपी और उसके आकाओं को इस घिनौने व्यवहार पर शर्म महसूस करनी चाहिए। इस लड़की के पिता ने कारगिल युद्ध में देश के लिए कुर्बानी दी थी। अब उसे उसके न्यायसंगत कार्य के चलते प्रताड़ित किया जा रहा है। उन्होंने इस धमकी को पीएम नरेंद्र मोदी की भाजपा के छात्र संगठन में राष्ट्रवाद व देश प्रेम की कमी का प्रदर्शन करार दिया।
कैप्टन ने कहा कि गुरमेहर को दी धमकी की खबरें दर्शाती हैं कि एबीवीपी में कानून के प्रति कोई सम्मान नहीं है। 22 फरवरी को रामजस कॉलेज की घटना में शामिल लोगों पर दिल्ली पुलिस ने कोई कार्रवाई नहीं की। आरोपियों को गिरफ्तार कर संगठन पर रोक लगाई जानी चाहिए। गुरमेहर को दी धमकी न सिर्फ महिलाओं के प्रति सम्मान की अनुपस्थिति प्रदर्शित करती है।
बल्कि कानून को चुनौती देना दर्शाता है कि यह वास्तव में छात्रों के कल्याण को काम करने वाला संगठन नहीं है। इससे पहले एबीवीपी को नजीब अहमद के गायब होने से पहले उस पर हमला करने का दोषी पाया गया था। कैप्टन ने सोशल मीडिया पर गुरमेहर की ओर से दिखाई गई हिम्मत की प्रशंसा करते हुए सरकार से आरोपियों को सजा देने की मांग की है।