ध्यान सिंह मंड व संत बलजीत सिंह दादूवाल
पंजाब सरकार की तरफ से बहिबल गोलीकांड और कोटकपूरा लाठीचार्ज की घटनाओं की जांच सीबीआई को सौंपने के फैसले पर सिख जत्थेबंदियों ने एतराज जताया है। जत्थेबंदियों का आरोप है कि सरकार ऐसा करके इन मामलों को ठंडे बस्ते में डालना चाहती है जिसे सहन नहीं किया जा सकता।
सिख जत्थेबंदियों द्वारा सरबत खालसा द्वारा मनोनीत श्री अकाल तख्त साहिब के कार्यकारी जत्थेदार भाई ध्यान सिंह मंड की अगुवाई में बरगाड़ी की दाना मंडी में पिछले 60 दिनों से रोष धरना देकर बेअदबी मामले के आरोपियों को बेनकाब करने, बहिबल गोलीकांड के आरोपी पुलिस अधिकारियों को नामजद करके गिरफ्तार करने और सजा पूरी कर चुके सिख बंदियों को रिहा करने की मांग की जा रही है।
संत बलजीत सिंह दादूवाल ने कहा कि सीबीआई जांच का मतलब है कि सरकार इस मामले का हल करना ही नहीं चाहती। सरकार को इसके लिए विशेष जांच टीम बनाकर जांच करवानी चाहिए थी। सिख जत्थेबंदियों ने कभी सीबीआई जांच की मांग नहीं रखी। पिछली अकाली सरकार ने भी बेअदबी मामले की जांच सीबीआई के हवाले करके अपना पीछा छुड़ा लिया था, जिसका अभी तक कोई नतीजा नहीं निकला।
उन्होंने बहिबल गोलीकांड में मारे गए दो सिख नौजवानों के परिवारों को मुआवजा देने और आश्रितों को नौकरी देने के फैसला का स्वागत किया। साथ ही घटनाक्रम में जख्मी लोगों को भी मुआवजा देने की मांग रखी।