पंजाब कांग्रेस के अध्यक्ष सुनील जाखड़ ने विपक्ष के हमलों के बेवजह करार देते हुए इतना ही कहा कि पंजाब में त्योहार जैसा माहौल है क्योंकि संगत की बरसों पुरानी मांग पूरी होने जा रही है। जाखड़ भी सिद्धू को लेकर कोई सीधी प्रतिक्रिया देने से बचते रहे क्योंकि वे पाक के प्रति कैप्टन के रुख का पहले ही समर्थन कर चुके थे। दरअसल, पंजाब के मंत्रियों को यह लगने लगा है कि कॉरिडोर के शिलान्यास से सिख समुदाय में सिद्धू की साख बढ़ी है। ऐसे में अगर कैप्टन के रवैये को देखते हुए सिद्धू पर कोई भी नकारात्मक बयान दिया तो संभव है कि सिख समुदाय को नागवार गुजरे। वहीं अगर कैप्टन के रवैये के विपरीत सिद्धू की पीठ थपथपाई तो संभव है कैप्टन नाराज हो जाएं।
पंजाब कांग्रेस में तनातनी के बढ़े आसार
इस बीच, शुक्रवार को तेलंगाना में नवजोत सिद्धू ने एक प्रेस कांफ्रेंस कर कांग्रेस की पूरी रणनीति की पोल खोल दी। उन्होंने साफ कर दिया कि वे कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी की इजाजत से पाकिस्तान गए थे। सिद्धू ने कहा, ‘मुझे राहुल गांधी ने पाकिस्तान जाने को कहा था। मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह ने तो मुझे रोका था, लेकिन मेरे कैप्टन राहुल गांधी हैं। कैप्टन (अमरिंदर सिंह) के भी कैप्टन राहुल गांधी ही हैं।
सिद्धू ने यह भी खुलासा किया कि पाकिस्तान से लौटने पर शशि थरुर, हरीश रावत, रणदीप सुरजेवाला ने उनकी पीठ थपथपाई है। इस तरह सिद्धू ने कैप्टन और पंजाब कैबिनेट में अपने अन्य सहयोगियों की चुप्पी पर भी निशाना साधा है। इससे साफ है कि अगले कुछ दिनों में पंजाब कांग्रेस में नवजोत सिद्धू और कैप्टन अमरिंदर सिंह के बीच तनातनी बढ़ सकती है। कैप्टन जहां पंजाब में कांग्रेस का एकमात्र चेहरा हैं वहीं नवजोत सिद्धू अब आलाकमान के इशारे पर और मुखर हो सकते हैं।