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असमंजस में हैं पंजाब के मंत्री, नवजोत सिद्धू का पक्ष लें या मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह का

Sat, 01 Dec 2018 09:18 AM IST
हर्ष कुमार सलारिया, अमर उजाला, चंडीगढ़
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सीएम अमरिंदर सिंह और नवजोत सिद्धू
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करतारपुर कॉरिडोर की आधारशिला के बाद उपजे सियासी हालात ने पंजाब के मंत्रियों को उलझन में डाल दिया है। पाकिस्तान के प्रति मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह और कैबिनेट मंत्री नवजोत सिंह सिद्धू के अलग-अलग रवैये के कारण शुक्रवार को पंजाब सिविल सचिवालय में ज्यादातर मंत्री इस विषय पर कुछ भी कहने से गुरेज करते रहे। उनकी मुश्किल यह रही कि अगर वे नवजोत सिद्धू की पाक यात्रा को सही ठहराते तो मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह के पाक न जाने के कारणों को भी गलत नहीं ठहरा सकते थे। 

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मंत्रियों ने केवल इतना ही कहा कि करतारपुर कॉरिडोर की बरसों पुरानी मांग पूरी हो रही है, वे इसी बात से खुश हैं और पूरे सिख समुदाय को बहुत बड़ी सौगात मिलने जा रही है। पाकिस्तान के अपने पहले दौरे के दौरान पाक सेना प्रमुख बाजवा से गले मिलकर विवादों में घिरे नवजोत सिद्धू को जब इस हफ्ते पाकिस्तान के प्रधानमंत्री ने करतारपुर कॉरिडोर के आधारशिला कार्यक्रम के लिए न्योता दिया तो वे पाक जाने के लिए फौरन तैयार हो गए। हालांकि उन्होंने इसके लिए मुख्यमंत्री और भारत सरकार से अनुमति मांगने की औपचारिकता भी निभाई लेकिन उनका पाक जाने का कार्यक्रम तय था। 

इसलिए वे दोनों तरफ से अधिकृत अनुमति नहीं मिलने पर निजी यात्रा पर पाकिस्तान चले गए। इधर, कैप्टन अमरिंदर सिंह पाकिस्तान से न्योता मिलने के बाद भी पाक सेना के भारतीय सीमा पर हमलों के विरोध में नहीं गए। उन्होंने सिद्धू को भी पाक न जाने की सलाह दी लेकिन सिद्धू ने उनकी बात नहीं मानी। नवजोत सिद्धू के दूसरे पाक दौरे के दौरान भी विवाद खड़ा हो गया जब खालिस्तान समर्थक गोपाल चावला के साथ उनकी तस्वीर वायरल हो गई। विपक्ष ने इसे मुद्दा बनाया लेकिन कांग्रेस आलाकमान और पंजाब कांग्रेस की ओर से इस पर कोई प्रतिक्रिया नहीं आई। 

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Navjot Singh Sidhu - फोटो : फाइल फोटो
पंजाब कांग्रेस के अध्यक्ष सुनील जाखड़ ने विपक्ष के हमलों के बेवजह करार देते हुए इतना ही कहा कि पंजाब में त्योहार जैसा माहौल है क्योंकि संगत की बरसों पुरानी मांग पूरी होने जा रही है। जाखड़ भी सिद्धू को लेकर कोई सीधी प्रतिक्रिया देने से बचते रहे क्योंकि वे पाक के प्रति कैप्टन के रुख का पहले ही समर्थन कर चुके थे। दरअसल, पंजाब के मंत्रियों को यह लगने लगा है कि कॉरिडोर के शिलान्यास से सिख समुदाय में सिद्धू की साख बढ़ी है। ऐसे में अगर कैप्टन के रवैये को देखते हुए सिद्धू पर कोई भी नकारात्मक बयान दिया तो संभव है कि सिख समुदाय को नागवार गुजरे। वहीं अगर कैप्टन के रवैये के विपरीत सिद्धू की पीठ थपथपाई तो संभव है कैप्टन नाराज हो जाएं।

पंजाब कांग्रेस में तनातनी के बढ़े आसार
इस बीच, शुक्रवार को तेलंगाना में नवजोत सिद्धू ने एक प्रेस कांफ्रेंस कर कांग्रेस की पूरी रणनीति की पोल खोल दी। उन्होंने साफ कर दिया कि वे कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी की इजाजत से पाकिस्तान गए थे। सिद्धू ने कहा, ‘मुझे राहुल गांधी ने पाकिस्तान जाने को कहा था। मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह ने तो मुझे रोका था, लेकिन मेरे कैप्टन राहुल गांधी हैं। कैप्टन (अमरिंदर सिंह) के भी कैप्टन राहुल गांधी ही हैं। 

सिद्धू ने यह भी खुलासा किया कि पाकिस्तान से लौटने पर शशि थरुर, हरीश रावत, रणदीप सुरजेवाला ने उनकी पीठ थपथपाई है। इस तरह सिद्धू ने कैप्टन और पंजाब कैबिनेट में अपने अन्य सहयोगियों की चुप्पी पर भी निशाना साधा है। इससे साफ है कि अगले कुछ दिनों में पंजाब कांग्रेस में नवजोत सिद्धू और कैप्टन अमरिंदर सिंह के बीच तनातनी बढ़ सकती है। कैप्टन जहां पंजाब में कांग्रेस का एकमात्र चेहरा हैं वहीं नवजोत सिद्धू अब आलाकमान के इशारे पर और मुखर हो सकते हैं।
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