पंजाब सरकार में मंत्री बने नवजोत सिंह सिद्वू के तेवर बेहद तल्ख हैं। सिद्धू ने अपने विभाग के उन अफसरों पर गाज गिराना शुरु कर दिया है, जिन्होंने सूबे में चल रहे विकास के तमाम प्रोजेक्टों पर रोक लगा रखी थी। स्थानीय निकाय विभाग ने राज्य के सभी इंप्रूवमेंट ट्रस्टों के सियासी चेयरमैन और ट्रस्टियों को पदमुक्त कर दिया है। यह जानकारी निकाय मंत्री नवजोत सिद्धू ने प्रेस बयान में दी।
सिद्धू ने बताया कि यह फैसला इंप्रूवमेंट ट्रस्टों में कार्यकुशलता और पारदर्शिता लाने के मकसद से लिया गया है। पंजाब सरकार की ओर से अगले आदेश जारी होने तक डिप्टी कमिश्नर या एसडीएम ट्रस्टों के प्रशासक होंगे। सिद्धू ने राज्य में विभिन्न जगह चल रहे विकास कार्य रोके जाने का भी नोटिस लिया है। उन्होंने विभागीय अधिकारियों से इस संबंध में स्पष्टीकरण मांगा है। साथ ही फील्ड में तैनात सभी अधिकारियों को पत्र भेज कर भी स्पष्टीकरण मांगा जा रहा है। सिद्धू ने इंजीनियरिंग विंग को निर्देश दिए कि राज्य में चल रहे निर्माण कार्यों का अचानक निरीक्षण किया जाए।
निर्माण कार्यों का थर्ड पार्टी ऑडिट कराया जाए। सरकार का मकसद स्वच्छ और पारदर्शी काम करना है और भ्रष्टाचार मुक्त प्रशासन देना है।
गौरतलब है कि सरकार पहली कैबिनेट मीटिंग में सभी इंप्रूवमेंट ट्रस्टों को भंग करने का प्रस्ताव ला रही थी, लेकिन सिद्धू ने ही उस पर रोक लगवा दी। अब सरकार इन ट्रस्टों के अधिकारियों व मुलाजिमों को निगमों और काउंसिलों में मर्ज करने का खाका तैयार करेगी। फिर अगला कदम उठाया जाएगा।