चंडीगढ़ शहर के लोगों को इस बार बिजली के बिल देरी से मिलेंगे। बिजली के बिल को तैयार करने का काम नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ इलेक्ट्रानिक्स एंड इंफॉरमेशन टेक्नोलॉजी (एनआईईएलआईटी) में होता था।
इस बिल्डिंग के गिरने के कारण सारा डाटा खत्म हो गया। अब बिजली का बिल तैयार करने के लिए डाटा दोबारा से फीड करना पड़ेगा। इसमें कुछ समय लग सकता है। एनआईईएलआईटी के एमडी डॉ.अश्वनी कुमार शर्मा ने कहा कि जितने प्रोजेक्ट चला रहे हैं उनके लिए हम अलग अलग जगह तलाश कर रहे हैं।
जैसे ही जगह मिल जाएगी डाटा फीड करने का काम तेजी से किया जाएगा। उधर, बिजली विभाग के अधिकारियों का कहना है कि उनकी कोशिश है कि बिजली के बिल में ज्यादा देरी न हो।