देवालय पूजक परिषद् के संयुक्त सचिव रवींद्र कुमार मिश्र ने बताया कि भैया दूज का शुभ मुहूर्त सुबह छह बजकर 37 मिनट से सुबह आठ बजकर 49 मिनट तक है। यदि इस मुहूर्त में भैया दूज नहीं मना पाते हैं तो फिर 11:34 बजे से दोपहर 12:28 बजे तक अभिजीत मुहूर्त में मनाएं।
रवींद्र कुमार मिश्र के अनुसार मंगलवार का दिन विशाखा नक्षत्र है जो गुरू आश्रित है। मंगल गुरू का मित्र भाव भी है। इसलिए यह सब भाई बहन के रिस्तों के लिए अच्छा है क्याेंकि मंगल भाई का कारक ग्रह है।
क्या है भैयादूज
हिंदुओं द्वारा मनाया जाने वाला यह त्योहार रक्षाबंधन के जैसे ही होता है। हिंदू कैलेंडर के मुताबिक यह कार्तिक के महीने में मनाया जाता है। एक मान्यता के अनुसार इस दिन जो यम देव की उपासना करता है, उसे असमय मृ्त्यु का भय नहीं रहता है। इस दिन बहनें अपने भाई के माथे पर तिलक लगाती हैं और उनके लिए मंगल कामना करती हैं।