चंडीगढ़। सेक्टर 18 के टैगोर थिएटर में शनिवार को नाटक शेर ए पंजाब लाला लाजपत राय लाठी से क्रांति तक का लाइट एंड साउंड के माध्यम से मंचन हुआ। यह आयोजन सेंटर फॉर सोशियो कल्चरल स्टडी और संवाद थिएटर ग्रुप की ओर से हुआ। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में गुलाब चंद कटारिया उपस्थित रहे। नाटक के लेखक डॉ. गुरतेज सिंह हैं और इसका निर्देशन मुकेश शर्मा ने किया है।
नाटक में महान स्वतंत्रता सेनानी लाला लाजपत राय के जीवन संघर्ष, त्याग, राष्ट्रवादी विचारों और अदम्य साहस को अत्यंत प्रभावशाली ढंग से मंच पर प्रस्तुत किया गया। नाटक में उनके बचपन से लेकर स्वतंत्रता आंदोलन के अग्रणी नेता बनने तक की यात्रा को जीवंत रूप में दिखाया गया। साथ ही आर्य समाज से जुड़ाव, शिक्षा के प्रति समर्पण, महिलाओं की शिक्षा, युवाओं को राष्ट्र निर्माण के लिए प्रेरित करने तथा स्वदेशी आंदोलन को मजबूत करने में उनकी भूमिका को भी दर्शाया गया।
नाटक के प्रमुख दृश्यों में बंग-भंग आंदोलन, रौलट एक्ट विरोध, जलियांवाला बाग हत्याकांड की विभीषिका और साइमन कमीशन के विरोध में ऐतिहासिक प्रदर्शन को बेहद मार्मिक तरीके से प्रस्तुत किया गया। विशेष रूप से वह दृश्य दर्शकों को भावुक कर गया। जब लाठीचार्ज के दौरान घायल अवस्था में भी लाला जी की गर्जना मेरे शरीर पर पड़ी हर एक लाठी अंग्रेजी हुकूमत के ताबूत की आखिरी कील बनेगी-पूरे सभागार में गूंज उठी।
नाटक में अनुभव, दक्ष, शिवम, समर चड्ढा, आस्तिक सचदेवा, प्रिया भट्ट, काव्या गुप्ता, स्वास्तिका खंतवाल, करणवीर सिंह, नंदन, अजय, छवि राजपूत, निरंजन, आशीष, अर्जुन सिंह, सुजीत राजपूत, विवेक खंतवाल, तजिंदर कौर, तरुण सचदेवा, कमल गुप्ता और सुनील कुमार सहित कलाकारों ने प्रभावशाली अभिनय कर प्रस्तुति को यादगार बना दिया।