कांग्रेस के सत्ता में आने के बाद से पार्टी की आंखों की किरकिरी बने मोहाली के मेयर कुलवंत सिंह पर वीरवार को हाई वॉल्टेज पॉलिटिकल ड्रामा चला। स्थानीय निकायमंत्री नवजोत सिद्धू ने प्रूनिंग मशीन दोगुनी से ज्यादा कीमत पर खरीदने के आरोप में मेयर को सस्पेंड करने का आदेश जारी कर दिया।
तीन घंटे बाद गलती का अहसास होने पर सिद्धू बैकफुट पर आ गए। इसके बाद सरकार ने नया बयान जारी कर कहा कि कुलवंत सिंह को पार्षद पद से हटाने का नोटिस दिया गया है, न कि मेयर पद से सस्पेंड करने का। माहिरों के मुताबिक मेयर एक निर्वाचित सदन द्वारा चुना गया नुमाइंदा होता है। उसे मेयर पद से हटाने का अधिकार भी सदन के पास ही होता है। इसलिए सरकार को किरकिरी से बचने के लिए फिर से बयान जारी करना पड़ा।
मोहाली के मेयर प्रूनिंग मशीन खरीद के आदेश देने के बाद से विवादों में घिरे थे। इसे लेकर मोहाली निगम सदन की बैठक में भी हंगामा हो चुका है। निकाय मंत्री सिद्धू ने बताया कि विभाग के ध्यान में आया था कि प्रूनिंग मशीन (पेड़ों की छंटाई करने वाली मशीन) की खरीद के समय मेयर और कमिश्नर ने अन्य अधिकारियों के साथ मिलकर सरकारी खजाने को काफी चपत लगाई थी।
इस मशीन की कीमत भारत में 28 लाख थी, विदेश से मंगवाने पर 80 लाख की पड़ती। लेकिन 1.79 करोड़ में मशीन खरीदने का प्रस्ताव पास कर खरीद के आदेश जारी कर दिए गए। विभाग के चीफ विजिलेंस अफसर की जांच रिपोर्ट के बाद यह कार्रवाई की गई है।