आवास निर्माण और शहरी विकास मंत्री अमन अरोड़ा की मीटिंग में देरी से पहुंचने वाले 12 मुलाजिमों व अधिकारियों पर गाज गिर गई है। विभाग की तरफ से उक्त सभी मुलाजिमों को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है। तीन दिन में मुलाजिमों को अपना जवाब देना होगा। अगर उक्त मुलाजिमों ने तय समय में जवाब नहीं दिया तो विभाग कार्रवाई करेगा। मंत्री ने कहा कि सरकार ने कामकाज में लापरवाही के प्रति जीरो टॉलरेंस नीति को अपनाया है। उन्होंने सभी सरकारी अधिकारियों और कर्मचारियों को दफ्तरों के कामकाज को और सुचारू ढंग से चलाने के लिए समय पर ड्यूटी पर उपस्थित होने की अपील की है।
कैबिनेट मंत्री अमन अरोड़ा ने मंगलवार को पंजाब सिविल सचिवालय स्थित अपने दफ्तर में एनओसी से जुड़े मुद्दों पर मीटिंग बुलाई थी लेकिन इस मीटिंग में कई सीनियर अधिकारी व मुलाजिम देरी से पहुंचे। इनमें जिला टाऊन प्लानर (डीटीपी) सुमन गुप्ता, डीटीपी रितिका अरोड़ा और डीटीपी हरप्रीत सिंह, सहायक टाऊन प्लानर (एटीपी) गगन चोपड़ा, एटीपी अमरिन्दरजीत सिंह, प्लैनिंग अफसर परमजीत सिंह, प्लैनिंग अफसर भुपिंदर कौर, एडीओ कुलदीप सिंह, निजी सचिव सतीश कुमार, सीनियर सहायक वंदना शर्मा, क्लर्क कवि प्रकाश अमोली, स्टेनो गुरप्रीत कौर शामिल हैं। इस चीज का मंत्री कड़ा संज्ञान लिया। साथ ही पुडा के मुख्य मुख्य प्रशासक को उक्त मुलाजिमों को कारण बताओ नोटिस जारी करने का निर्देश दिया। याद रहे कि यह पहला मौका नहीं है, इससे पहले भी समय से काम न निपटाने वाले मुलाजिमों पर विभाग ने कार्रवाई की थी। मुलाजिमों ने इसका विरोध तक किया था।