पंजाब के पूर्व राज्यपाल एवं चंडीगढ़ के प्रशासक शिवराज पाटिल का 91 वर्ष की उम्र में निधन हो गया। वह 2010 से 15 तक पंजाब के पूर्व राज्यपाल व चंडीगढ़ के प्रशासक रहे। पांच साल तक उनके साथ एडीसी रहे राजबचन सिंह संधू ने उनसे जुड़ीं यादें साझा कीं।
संधूू ने कहा कि पाटिल साहब अकसर मुझसे कहते थे कि अब राजनीति का स्तर बदलता जा रहा है। उनके समय में विपक्ष के नेताओं का हमेशा आदर-सम्मान किया जाता था, कभी दूसरे दल के नेता के लिए अपशब्द प्रयोग नहीं किये जाते थे।
संधू ने कहा कि वह कांग्रेस से नेता थे, उस समय पंजाब में अकाली की सरकार थी, इसके बावजूद पूर्व सीएम प्रकाश सिंह बादल के साथ उनके अच्छे संबंध रहे। वह उनके घर डिनर तक के लिए जाते थे। यहां तक कि प्रकाश सिंह बादल के फार्म हाउस से पूर्व राज्यपाल पाटिल के लिए किन्नू आते थे, तो यहां से वह पूर्व सीएम बादल के लिए लातूर की बनी मूंगफली की चटनी और ड्राई फ्रूट्स भिजवाते थे।
पूर्व राज्यपाल पाटिल अकसर किताबें पढ़ते और लिखते हुए अपना समय व्यतीत करते थे, उन्हें किताबें पढ़ने का बहुत शौक था, उन्होंने कई किताबें भी लिखीं। वह अकसर जन कार्यक्रम में युवा पीढ़ी को किताबें पढ़नें के लिए कहते थे। उन्हें पर्यावरण से बेहद लगाव था, वह पेड़-पौधे लगाने और सुखना पर अकसर सैर करने जाते थे। लोगों के लिए वह समय निकालते थे, जो लोग कहते हैं कि राज्यपाल से मिलना आसान नहीं, उस समय लोकभवन में रोजाना वह दो घंटे जनता से मिलते थे। चंडीगढ़ के बतौर प्रशासक रहते हुए उन्होंने कई कार्यों को आगे बढ़ाया। वह अकसर कहते थे कि उनका सपना है कि चंडीगढ़ में मेट्रो प्रोजेक्ट शुरू हो। उनके प्रशासनिक कामकाज का इस बात से अंदाजा लगा सकते हैं कि वह रात 12 बजे भी अधिकारियों को फोन कर फाइल पर अपडेट पूछने में हिचकिचाते नहीं थे।
अमर उजाला चंडीगढ़ कार्यालय का किया था उद्घाटन
पूर्व राज्यपाल एवं चंडीगढ़ के प्रशासक शिवराज पाटिल ने अमर उजाला चंडीगढ़ कार्यालय का उद्घाटन किया था। इसके अलावा देश के सबसे बड़े टूनार्मेंट के रूप में आयोजित अमर उजाला गली क्रिकेट टूर्नामेंट का उद्घाटन भी पूर्व राज्यपाल शिवराज पाटिल ने किया था। इस गली क्रिकेट टूर्नामेंट को लिम्का बुक ऑफ रिकॉर्ड में शामिल किया गया था।