चंडीगढ़। चंडीगढ़ प्रदूषण नियंत्रण समिति ने स्वास्थ्य विभाग के सहयोग से सेक्टर-16 स्थित जीएमएसएच-16 के ऑडिटोरियम में सुरक्षित निस्तारण, सुरक्षित जीवन थीम पर बायोमेडिकल वेस्ट मैनेजमेंट पर कार्यशाला आयोजित की। चंडीगढ़ प्रशासन के पर्यावरण एवं स्वास्थ्य सचिव मनदीप सिंह बराड़ ने कहा कि बायोमेडिकल कचरा प्रबंधन सिर्फ नियामकीय आवश्यकता नहीं बल्कि हर स्वास्थ्य संस्था और स्वास्थ्यकर्मी का नैतिक व व्यावसायिक दायित्व है। उन्होंने सामूहिक जिम्मेदारी, बेहतर प्रशिक्षण और संस्थाओं के बीच मजबूत सहयोग की आवश्यकता पर जोर दिया, ताकि चंडीगढ़ इस क्षेत्र में राष्ट्रीय मॉडल बन सके।
सीपीसीसी के सदस्य सचिव सौरभ कुमार ने राज्य के बायोमेडिकल वेस्ट प्रबंधन पर तकनीक-आधारित और कड़े नियामक ढांचे की जरूरत बताते हुए विस्तृत दृष्टिकोण साझा किया। कार्यशाला में बायोमेडिकल वेस्ट नियम, पीजीआई और जीएमसीएच-32 की उत्कृष्ट प्रथाओं सहित प्रमुख विषयों पर तकनीकी प्रस्तुतियां दी गईं। अंत में मुख्य अतिथि ने कॉमन बायोमेडिकल वेस्ट ट्रीटमेंट फैसिलिटी द्वारा प्रस्तुत ई-वाहनों को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। ब्यूरो