बेसहारा गायों के लिए आर्थिक पैकेज की मांग को लेकर बलौंगी बैरियर पर सोमवार को प्रदर्शन कर सड़क जाम करने वाले शिवसैनिकों के खिलाफ पुलिस ने यातायात अवरुद्ध करने, हाईवे बाधित करने एवं पशु क्रूरता अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया है।
पुलिस ने शिव सेना पंजाब प्रधान संजीव कुमार घनौली, चेयरमैन राजीव टंडन, जिला मोहाली प्रधान अमित भार्गव, पंजाब के विभिन्न जिलों के प्रधान भारती आंगरा, गगनदीप शर्मा, बलदेव भारद्वाज, वरुण मेहता, अश्वनी शर्मा एवं प्रवीण शर्मा के अलावा 150-200 शिव सेना कार्यकर्ताओं के खिलाफ यह केस दर्ज किया है।
पुलिस की इस कार्रवाई से नाराज शिव सेना पंजाब प्रधान संजीव घनौली एवं राजीव टंडन ने एक बयान जारी कर कहा है कि उनका कार्यक्रम पूर्व घोषित था।
उनका मकसद पंजाब में घूम रही बेसहारा गायों को सीएम आवास तक ले जाकर सीएम को उनकी दयनीय अवस्था से अवगत कराना था। उन्होंने किसी प्रकार की पशु क्रूरता नहीं की है।
गाय को वह मां की तरह पूजते हैं। राज्य में पहली बार उनके संगठन ने ही गायों की सुरक्षा के लिए संघर्ष छेड़ा है।
सोमवार को जो गाय वह प्रदर्शन के दौरान लाए थे, वह बेसहारा थीं।
जिनकी देखरेख के लिए वह अपने साथ गौशाला के संत भी लेकर आए थे।प्रदर्शन के बाद पूरे सम्मान के साथ इन गायों को गौशाला में ही छोड़ा गया।
प्रदर्शन के दौरान भी उनके द्वारा गायों के लिए चारे की व्यवस्था की गई थी। सरकार के इशारों पर यह मामला दर्ज किया गया है। जो साबित करता है कि सरकार हिंदू हितैषी नहीं है। इनकी आवाज बंद करने के लिए यह मामला दर्ज किया गया है। लेकिन यह संघर्ष खत्म नहीं होगा।
जरूरत पड़ी तो गिरफ्तारियां देंगे। इस मुद्दे पर बुधवार को शिव सेना की राज्य स्तरीय बैठक बुलाई गई है।जिसमें आगे की रणनीति तय की जाएगी।