मनोनीत पार्षद सुरिंदर बहगा ने एक चैनल पर बहस के दौरान अन्य मनोनीत पार्षदों पर आपत्तिजनक शब्दों का प्रयोग किया। इससे खफा अन्य मनोनीत पार्षद नगर निगम की बैठक में उनकी सदस्यता रद्द करने का प्रस्ताव ला सकते हैं।
बता दें कि एक चैनल पर उन्होंने 12 पंचायतों के13 गांवों को नगर निगम में शामिल करने के प्रस्ताव पर बहस के दौरान टिप्पणी की थी।
एक चैनल पर शनिवार को 12 पंचायतों की 13 गांव को नगर निगम में शामिल करने के प्रस्ताव पर बहस के दौरान मनोनीत पार्षद सुरिंदर बहगा ने अन्य मनोनीत पार्षदों पर अशोभनीय शब्दों का प्रयोग किया।
इससे पार्षदों में नाराजगी है। एक मनोनीत पार्षद केअनुसार, जो बात बहगा ने चैनल पर कही है, उसे उन्हें प्रमाणित करनी पड़ेगी। सार्वजनिक मंच से किसी पर ऐसे आरोप लगान से पहले सोचना चाहिए।
बता दें कि एक चैनल पर बहस के दौरान बहगा ने कहा था कि सभी पार्षदों का जमीर मर गया है और सभी मनोनीत पार्षद बिक चुके हैं। मनोनीत पार्षद बुधवार या वीरवार को बैठक करके बहगा के खिलाफ प्रस्ताव पर विचार करेंगे।
उधर, मनोनीत पार्षद मेजर (रिटा.) डीएस संधू ने कहा कि सुरिंदर बहगा की बात सही नहीं है। वे गवर्नर की पावर को चैलेंज कर रहे हैं। सूत्र के अनुसार, पंजाब के गवर्नर और चंडीगढ़ के प्रशासक को भी उनके खिलाफ चिट्ठी लिखी जाएगी।
गवर्नर कहेंगे तो रिजाइन कर देंगे: बहगा
सुरिंदर बहगा का कहना है कि सच को सच और झूठ को झूठ कहना चाहिए। मैंने वही किया। गवर्नर से मुझे शहर के विकास और लोगाें की सेवा के लिए मनोनीत किया है।
यदि वे कहेंगे तो रिजाइन कर दूंगा। मेरे अलावा अन्य मनोनीत एक पार्टी का साथ देते हैं। व्यक्तिगत रूप से सभी की इज्जत करता हूं।