सुखबीर बादल ने ट्वीट किया कि पंजाब के लोगों के मुद्दों का प्रतिनिधित्व करने वाले एसवाईएल और रिहाई जैसे गानों पर प्रतिबंध हमारे विचार व्यक्त करने के लोकतांत्रिक अधिकार का उल्लंघन है।
पंजाबी गायक सिद्धू मूसेवाला के एसवाईएल और कंवर ग्रेवाल के रिहाई गाने पर प्रतिबंध और यूट्यूब पर बैन होने के खिलाफ शिरोमणि अकाली दल ने नाराजगी जताई है। विरोध में शिअद ने सड़कों पर उतरकर आंदोलन की चेतावनी दी है। शुक्रवार को युवा अकाली दल पंजाब भर के जिला मुख्यालयों पर ट्रैक्टर मार्च निकालेगा।
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गुरुवार को शिअद प्रधान सुखबीर सिंह बादल ने भी रिहाई गाने को सुनते हुए अपना वीडियो जारी कर विरोध जताया है। उन्होंने ट्वीट कर लिखा है कि पंजाब के लोक मामलों को उठाते एसवाईएल और रिहाई जैसे गाने प्रतिबंधित करना विचारों को प्रकट करने के लोकतांत्रिक अधिकारों का हनन है।
इससे पहले सुखबीर बादल ने एनडीए की राष्ट्रपति पद की उम्मीदवार द्रौपदी मुर्मू को पत्र लिखकर जेलों में बंद सिखों की रिहाई का मुद्दा उठा चुके हैं। उन्होंने पत्र में अपील की है कि वह सिख रिहाई के मुद्दे पर कार्रवाई करें। इससे पहले अकाली दल ने संगरूर लोकसभा के उपचुनाव में भी बंदियों की रिहाई को लेकर चुनाव लड़ा।