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Punjab: सीएम से लाइव बहस करने से दलों का किनारा, भाजपा के बाद अब शिअद ने कहा- नहीं लेंगे हिस्सा

Fri, 13 Oct 2023 08:09 PM IST
ajay kumar न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़

सार

प्रेम सिंह चंदूमाजरा ने कहा कि भगवंत मान भी पूर्व मुख्यमंत्री दरबारा सिंह की तरह पंजाब के हितों से विश्वासघात करने जा रहे हैं, जो इंदिरा गांधी के दबाव के आगे झुक गए थे और एसवाईएल नहर के निर्माण के लिए सहमत हो गए थे।
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सुखबीर सिंह बादल। - फोटो : अमर उजाला (फाइल फोटो)
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विस्तार
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पंजाब भाजपा के बाद शिरोमणि अकाली दल (शिअद) ने भी मुख्यमंत्री भगवंत मान द्वारा एक नवंबर को बुलाई गई खुली बहस में हिस्सा लेने से इन्कार कर दिया है। पार्टी के सीनियर नेता प्रेम सिंह चंदूमाजरा ने इस संबंध में पार्टी का रुख स्पष्ट करते हुए शुक्रवार को कहा कि अकाली दल इस बहस में हिस्सा नहीं लेगा। मुख्यमंत्री मान आप के संयोजक अरविंद केजरीवाल के आदेश पर पंजाबियों को विभाजित करने के लिए एक नवंबर को दिखावटी बहस का आयोजन कर रहे हैं और अकाली दल इस पंजाब विरोधी कवायद का हिस्सा नहीं बनेगा।

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प्रो. चंदूमाजरा ने कहा कि हमें पता चला है कि केंद्रीय सर्वेक्षण टीम एक नवंबर को पंजाब आएगी। हमारा सारा ध्यान यह सुनिश्चित करने पर होगा कि ये टीम पंजाब की धरती पर कोई सर्वेक्षण न करे। हम नहर के शुरुआती बिंदु पर कीरतपुर के पास लूंध खड्ड और इसके अंतिम छोर पटियाला जिले के कपूरी गांव में सतलुज यमुना लिंक (एसवाईएल) नहर के निर्माण के लिए सर्वे के किसी भी प्रयास का विरोध करेंगे।

चंदूमाजरा ने कहा कि भगवंत मान भी पूर्व मुख्यमंत्री दरबारा सिंह की तरह पंजाब के हितों से विश्वासघात करने जा रहे हैं, जो इंदिरा गांधी के दबाव के आगे झुक गए थे और एसवाईएल नहर के निर्माण के लिए सहमत हो गए थे। उन्होंने कहा कि भगवंत मान भी अरविंद केजरीवाल के निर्देश का पालन कर रहे हैं। एक नवंबर को पीएयू लुधियाना में होने वाली बहस पूरी तरह से पंजाब के राजनीतिक दलों को विभाजित करने और उनके बीच कटुता पैदा करने के लिए आयोजित की जा रही है ताकि पंजाबी नदी जल से अलग करने की साजिश के खिलाफ एकजुट न हो सकें।
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चंदूमाजरा ने कहा कि मुख्यमंत्री ने सुप्रीम कोर्ट में इस मुद्दे पर राज्य के हितों से समझौता करने के एक महीने बाद बहस आयोजित करने की घोषणा की, जिससे साबित होता है कि पानी की रक्षा करने का उनका कोई इरादा नहीं है। अगर मुख्यमंत्री को पंजाब के हितों की रक्षा करने वाले किसी भी प्रस्ताव में दिलचस्पी होती तो उन्होंने सुप्रीम कोर्ट की सुनवाई से पहले संयुक्त मोर्चा पेश करने के लिए एक सर्वदलीय मीटिंग बुलाई होती। 

‘असली’ सीएम केजरीवाल से बहस को तैयार: सुखबीर बादल

शिअद अध्यक्ष सुखबीर सिंह बादल ने कहा कि वह सतलुज-यमुना लिंक (एसवाईएल) नहर समेत सभी मुद्दों पर राज्य के ‘असली’ मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल के साथ बहस करने को तैयार हैं। उन्होंने कहा कि बहस को जल्द से जल्द निर्धारित किया जा सकता है ताकि पंजाबियों को यह भी पता चल सके कि कैसे केजरीवाल ने भगवंत मान को सुप्रीम कोर्ट में हरियाणा के साथ नदी के बंटवारे पर पंजाब के मामले को कमजोर करने का निर्देश दिया था। 

उन्होंने कहा कि नकली मुख्यमंत्री भगवंत मान के साथ कोई भी बहस करना एक व्यर्थ अभ्यास होगा, क्योंकि पंजाब में सभी सरकारी मामलों पर निर्णय लेने की शक्ति केवल आप संयोजक अरविंद केजरीवाल के पास है। उन्होंने कहा कि यह केजरीवाल ही थे जो सुप्रीम कोर्ट में पंजाब के मामले में समझौता करने के लिए सीधे तौर पर जिम्मेदार हैं और अब भी पंजाब के पानी को हरियाणा और दिल्ली में स्थानांतरित करन के लिए जमीन तैयार कर रहे हैं। भगवंत मान केजरीवाल के हाथों की महज एक कठपुतली हैं।

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