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देश से बाहर यूरोप, अमेरिका में भी पांव जमाएगा अकाली दल

Wed, 08 Jul 2015 04:18 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़
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अब अमेरिका, यूरोप के देशों में भी शिरोमणि अकाली दल (शिअद) की इकाइयां स्थापित होंगी। आगामी कुछ दिनों में पार्टी के वरिष्ठ नेता अमेरिका, कनाडा, यूके, इटली और जर्मनी के दौरे पर जाएंगे।पार्टी नेता वहां बसे पंजाबियों से मिलकर उन्हें शिअद से जोड़ेंगे।
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पार्टी नेता 10-10 दिनों के दौरे पर वहां जाएंगे और बैठक के माध्यम से प्रवासी पंजाबियों को पंजाब सरकार की नीतियों व यहां मौजूद सुविधाओं की जानकारी देंगे।

उन्हें प्रदेश की मौजूदा आधारभूत सुविधाओं से अवगत करवाया जाएगा, वहीं अलगाववादी ताकतों के दुष्प्रचार के प्रभाव को कम करने की कोशिश की जाएगी।

शिअद नेताओं के ये ग्रुप 13 जुलाई से अलग-अलग अंतराल पर रवाना होंगे। पंजाब के वोटरों को एनआरआई के जरिए प्रभावित करना शिअद के इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य है।
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2012 के विधानसभा चुनाव में कई सीटों पर जीत-हार का अंतर 1000 से भी कम रहा था। ऐसे में एनआरआई की भूमिका को काफी महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

बेशक, उनका प्रभाव कुछेक मतों पर होता है, लेकिन कांटे की टक्कर में इसका बहुत फायदा मिलता है। पिछले समय में आप, पीपीपी और कांग्रेस को इसका लाभ मिलता रहा है।

अब शिअद उसी राह पर है। राजनीति के साथ ही एनआरआई को पंजाब में निवेश के लिए प्रोत्साहित करना दौरे का एक उद्देश्य है। उन्हें प्रदेश के विकास और आधारभूत ढांचे से संबंधित प्रजेंटेशंस दिखाए जाने के पीछे यही मुख्य कारण है।

नेता जाएंगे दौरे पर और वापस आकर देंगे रिपोर्ट
कैबिनेट मंत्री सिंकदर सिंह मलूका व शरणजीत सिंह ढिल्लों को ब्रिटिश कोलंबिया, सुरजीत सिंह रखड़ा को कैलिफोर्निया व शिकागो, डॉ. दलजीत सिंह चीमा व जत्थेदार तोता सिंह को टोरंटो, पूर्व केंद्रीय मंत्री बलवंत सिंह रामूवालिया को इंग्लैंड, जर्मनी व इटली, सांसद प्रो. प्रेम सिंह चंदूमाजरा को न्यूयॉर्क में बैठकों की जिम्मेदारी सौंपी गई है।

वहां बैठकें करने के बाद ये नेता वापस आकर शिअद अध्यक्ष सुखबीर बादल को रिपोर्ट सौंपेंगे। इस पर विचार-विमर्श के बाद उन देशों में इकाइयों की स्थापना कर पदाधिकारियों की नियुक्ति कर दी जाएगी।
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