अमृतपाल सिंह और सुखबीर सिंह बादल।
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शिरोमणि अकाली दल (शिअद) के अध्यक्ष सुखबीर सिंह बादल ने कहा है कि शांतिपूर्ण तरीके से 'वारिस पंजाब दे' के प्रमुख अमृतपाल ने खुद को कानून के हवाले कर दिया। इसके बाद आम आदमी पार्टी सरकार को उनके खिलाफ कानून के अनुसार ही कार्रवाई करनी चाहिए। सुखबीर बादल ने कहा कि निर्दोष सिखों पर मुकदमें और उन्हें परेशान करना तुंरत बंद किया जाना चाहिए।
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शिअद के प्रवक्ता डॉ. दलजीत सिंह चीमा ने कहा कि हाल ही में पूरे मामले पर चर्चा करने के लिए आयोजित ‘पंथक इकट्ठ’ में श्री अकाल तख्त साहिब के जत्थेदार की सलाह के अनुसार 'वारिस पंजाब दे' के प्रमुख का खुद को कानून के हवाले करना स्वागत योग्य है।
डॉ. चीमा ने कहा कि अब जब अमृतपाल ने खुद को कानून के हवाले कर दिया है तो राज्य सरकार को यह बताना चाहिए कि उसने इस मुददे पर भय का माहौल क्यों बनाया? उन्होंने कहा कि आम आदमी पार्टी की सरकार की अब तक की कार्रवाई ने केवल दुनिया भर में सिखों को बदनाम करने का काम किया है। इसी कारण राज्य से पूंजी का पलायन हुआ और पंजाबियों में असुरक्षा की भावना पैदा हुई। साथ ही, सांप्रदायिक तनाव भी जानबूझकर भड़काया गया।
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वरिष्ठ अकाली नेता ने कहा कि जिस तरह से पंजाबियों ने सांप्रदायिक सदभाव बनाए रखा और उन्हें बांटने वाली विभाजनकारी ताकतों को नकारा, इससे साबित होता है कि पंजाबी शांति और भाईचारक सांझ के लिए एकजुट खड़े हैं। उन्होंने कहा कि आम आदमी पार्टी की सरकार अर्धसैनिक बलों की मांग करके और मीडिया व बुद्धिजीवियों पर आपातकाल जैसे प्रतिबंध लगाकर इस मुददे को जानबूझकर तूल देने की कोशिश कर रही है। इसे तुरंत रोका जाना चाहिए।