वॉकआउट के बाद विधानसभा से बाहर आते शिअद विधायक।
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शिरोमणि अकाली दल के विधायकों ने बुधवार को भी बजट को लेकर विरोध किया। विधानसभा के बाहर शिअद विधायकों ने प्रदर्शन करते हुए पंजाब सरकार के बजट की कॉपियां फूंकीं। विधायकों ने मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह और वित्तमंत्री मनप्रीत बादल को पंजाबियों का नंबर एक दुश्मन बताया। बजट को विधायकों ने झूठ का बंडल बताते हुए ‘पंजाब मांगे जवाब’ अभियान शुरू करने की चेतावनी दी।
प्रदर्शन के दौरान पूर्व मंत्री और विधायक बिक्रम सिंह मजीठिया ने कहा कि सरकार ने पिछले दो साल के दौरान किसानों के कर्ज माफ करने के लिए आवंटित 5000 करोड़ रुपये जारी न कर किसानों को धोखा दिया था। आत्महत्या करने वाले किसानों के पीड़ित परिवारों को 10 लाख रुपये का मुआवजा और सरकारी नौकरी का वादा भी पूरा नहीं किया गया है।
इसी तरह सरकार ने पिछले चार सालों के दौरान अनुसूचित जाति छात्रवृत्ति योजना के लिए 2400 करोड़ रुपये आवंटित किए थे लेकिन इसके लिए कोई पैसा जारी नहीं किया। इससे लाखों लाभार्थी छात्रों को परेशानी हुई है। इसी तरह सरकार ने बेघरों को घर देने का वादा किया था लेकिन अभी तक पांच मरला प्लॉट और पैसा नहीं दिया गया।
मजीठिया ने कहा कि सरकार ने घर-घर नौकरी का वादा किया था लेकिन अब वह जॉब पोर्टल बना रहे हैं ताकि वे वहां आवेदन कर सकें। चार साल पहले भेजे गए फार्मों का क्या हुआ। सरकार ने प्रशासनिक पुनर्गठन के नाम पर हजारों नौकरियां खत्म कर दी हैं। यहां तक कि 2500 रुपये प्रति माह बेरोजगारी भत्ता अभी तक जारी नहीं किया गया है।