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अविश्वास प्रस्ताव के बाद हुड्डा की पहली प्रतिक्रिया : बोले- हरियाणा सरकार हुई बेनकाब, हमारी संख्या 30 से 32 हुई

Wed, 10 Mar 2021 06:52 PM IST
ajay kumar न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
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हरियाणा के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा। - फोटो : ANI
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हरियाणा विधानसभा में कांग्रेस के अविश्वास प्रस्ताव के खिलाफ मनोहर लाल सरकार विश्वास मत हासिल करने में सफल रही है। अविश्वास मत गिरने के बाद पूर्व मुख्यमंत्री और विपक्ष के नेता भूपेंद्र हुड्डा ने पहली प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा कि हरियाणा सरकार बेनकाब हो गई है। मैंने कहा था कि वे व्हिप जारी करते ही बहुमत हासिल कर लेंगे। मैंने विधानसभा अध्यक्ष से गुप्त मतदान का आग्रह किया था लेकिन ऐसा नहीं हुआ। अगर गुप्त मतदान होता तो परिणाम भिन्न होते। फिर भी हमारी संख्या 30 से बढ़कर 32 हो गई।

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हुड्डा ने आगे कहा कि सरकार हमें संतोषजनक उत्तर नहीं दे सकी। लोकतंत्र में सरकार पहले ही हार चुकी है। हम लोगों की आवाज उठाते रहेंगे और उनके लिए लड़ेंगे। हम किसी का नेतृत्व नहीं कर रहे हैं लेकिन हम चाहते हैं कि सरकार जल्द ही किसानों से बात करे और एक समाधान निकाले। आंदोलन लंबे समय से जारी है। 

सरकार का साथ देने वाले विधायक जनता की नजरों में गिरे : सैलजा
हरियाणा कांग्रेस अध्यक्ष कुमारी सैलजा ने कहा कि कांग्रेस के अविश्वास प्रस्ताव के बाद यह स्पष्ट हो गया है कि कौन किसानों के साथ खड़ा है और कौन सत्ता के लोभ में किसान हितों की बलि चढ़ाने पर आमादा है। आज विधानसभा में अविश्वास प्रस्ताव नहीं गिरा है, बल्कि सरकार का साथ देने वाले विधायक जनता की नजरों से गिरे हैं।
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सैलजा ने कहा कि लोकतंत्र और राजनीति में सर्वोच्च स्थान जनता व जनभावना का होता है। आज वक्त किसानों के साथ खड़े होने का था। आज इस अविश्वास प्रस्ताव के बाद किसानों के पक्ष में बड़ी-बड़ी बातें करने वाली पार्टियों और विधायकों का नकाब जनता के सामने उतर गया है। प्रदेश की जनता इन्हें कभी माफ नहीं करेगी। 

उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार अपने कुछ पूंजीपति मित्रों की खातिर किसान हितों को भूल चुकी है। पूरा देश आज किसानों के साथ खड़ा है। किसानों का यह संघर्ष और बलिदान व्यर्थ नहीं जाएगा। सरकार चाहे कितनी भी हठधर्मिता अपना ले, सरकार को किसानों की मांगें माननी ही होंगी।

हरियाणा सरकार को मिला 55 विधायकों का साथ
बता दें कि छह घंटे की लंबी चर्चा के बाद हरियाणा सरकार के खिलाफ लाया गया कांग्रेस का अविश्वास प्रस्ताव धराशायी हो गया। हरियाणा की मनोहर लाल सरकार को 55 विधायकों का साथ सदन में मिला। वहीं 32 विधायकों ने कांग्रेस के अविश्वास प्रस्ताव के समर्थन में मत किया। अविश्वास प्रस्ताव गिरते ही कांग्रेस विधायकों ने सदन में जमकर नारेबाजी शुरू कर दी। इस दौरान हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने महाभारत से जुड़ी एक कहानी भी सुनाई। वहीं हुड्डा ने भी सीएम की कहानी का जवाब दिया।
  • विधानसभा में कुल विधायकों की संख्या- 88
  • सरकार के पक्ष में- 55
  • अविश्वास प्रस्ताव के पक्ष में- 32
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