नवजोत सिंह सिद्धू। (फाइल फोटो)
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शिरोमणि अकाली दल ने कांग्रेस प्रधान नवजोत सिंह सिद्धू पर पटलवार किया है। शिअद प्रवक्ता डॉ. दलजीत सिंह चीमा ने सिद्धू को चुनौती दी है कि उनके अगर हिम्मत है तो उनकी ही सरकार के एपीएमसी एक्ट में किए गए संशोधनों को निरस्त कराकर दिखाएं। चीमा ने कहा कि सिद्धू पुराने मुद्दे उठाकर पंजाब के लोगों को वेबकूफ बनाना चाह रहे हैं। अनर्गल बयान देकर वह चुनाव को देखते हुए किसानों के हमदर्द के रूप में पेश करना चाहते हैं।
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चीमा ने कहा कि सिद्धू के बयान इस बात का संकेत देते हैं कि वह मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह के साथ एकतरफा खेल खेलने के इच्छुक हैं। साथ ही तीनों कृषि कानूनों को रद्द करने के लिए उनका कोई इरादा नहीं है। उन्होंने सिद्धू से पूछा कि 2017 में कांग्रेस सरकार में मंत्री के रूप में 2013 अधिनियम पर क्या उन्होंने कभी आपत्ति जताई थी। अब चुनाव के समय अपनी विफलताओं को छिपाने के लिए वह इस मुद्दे को उठा रहे हैं।
डॉ. चीमा ने कहा कि अब सिद्धू भी नींद से जाग गए हैं। वह खुद को किसानों के हमदर्द के रूप में दिखाने का प्रयास कर रहे हैं। उन्होंने पिछले एक साल से किसानों के मुद्दे का समर्थन करने के लिए कुछ भी नही किया है। डॉ. चीमा ने प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष को सलाह दी कि वे परिपक्वता से काम करें और विचित्र दावे करके पंजाबियों की बुद्धिमत्ता का अपमान न करें।
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नवजोत सिद्धू पर गांधी परिवार के साथ मिलीभगत कर घड़ियाली आंसू बहाने का आरोप लगाते हुए डॉ. चीमा ने कहा कि वे पंजाबियों को बताएं कि वह एपीएमसी मंडियों को खत्म करने के साथ साथ जरूरी कमोडिटीज एक्ट को भी खत्म करने के लिए कांग्रेस के रूख पर चुप क्यों हैं। वर्ष 2019 में कांग्रेस पार्टी के चुनावी घोषणा पत्र में यह बात लिखी थी। हालांकि सिद्धू ने इस किसान विरोधी रुख के खिलाफ कभी बात नहीं की। इससे उनकी वास्तविकता का पता चल जाता है कि वह गांधी परिवार के कितने अधीन है।