चंडीगढ़ नगर निगम के इतिहास में पहली बार कांग्रेस ने न मेयर चुनाव में हिस्सा और न ही अपना उम्मीदवार उतारा। नगर निगम में कांग्रेस के अब सात पार्षद बचे हैं। कांग्रेस निगम चुनाव में शहर में साफ सुथरी छवि के साथ उतरी है, वहीं, शिअद ने शहर के लोगों का दिल जीता है। मेयर चुनाव में शनिवार को जो घटना घटी उसे कांग्रेस ने शर्मनाक बताया।
निगम चुनाव के नतीजे आते ही कांग्रेस ने यह फैसला लिया था कि आप और भाजपा को वोट नहीं करेगी। क्योंकि कांग्रेस दोनों के खिलाफ चुनाव लड़ी है। कांग्रेस राष्ट्रीय स्तर पर दोनों पार्टियों को अपना विरोधी मानती है। कांग्रेस का आरोप है कि निगम चुनाव में भाजपा और आप ने ईमानदारी के साथ चुनाव नहीं लड़ा।
दोनों पार्टियों ने चुनाव में लाखों रुपये खर्च किये इसके बाद भी किसी को स्पष्ट बहुमत नहीं मिला। कांग्रेस वोट प्रतिशत में सबसे अधिक रही। लेकिन नंबर गेम में पिछड़ गई। लोकतंत्र में नंबर गेम मायने रखते हैं। कांग्रेस सीटें नहीं जीत पाई। इसलिए यह कतई नहीं बनता था कि वह किसी के पक्ष में मतदान करे।
कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष सुभाष चावला ने कहा कि आप और भाजपा एक दूसरे को लगातार पार्षदों की खरीदारी का आरोप लगाते रहे। सदन में जो कुछ भी हुआ वह इससे शर्मनाक नहीं हो सकता। मेयर मतदान ने बता दिया है कि एक ने खरीदा और एक ने बेचा। मेयर की कुर्सी तक पहुंच जाना बहुत ही शर्मनाक है। आप ने क्रॉस वोट कर दिया है।
मेयर का संयम काबिले तारीफ
कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष सुभाष चावला ने नवनिर्वाचित मेयर सरबजीत कौर के बारे में कहा कि मेयर चुनाव के बाद आप और भाजपा के पार्षदों मेयर की कुर्सी तक पहुंच गए। धक्कामुक्की और नारेबाजी की। मेयर इस दौरान चुप बैठी रहीं। मेयर ने जो संयम का परिचय दिया है वह काबिले तारीफ है। बता दें कि मेयर चुनाव में हिस्सा न लेकर कांग्रेस के सभी पार्षद प्रदेश अध्यक्ष सुभाष चावला के नेतृत्व में राजस्थान की राजधानी जयपुर चले गए थे। तीन जनवरी की शाम को जयपुर पहुंच गए और आठ जनवरी की सुबह चंडीगढ़ पहुंचे। जब नगर निगम सदन में मेयर पद का मतदान चल रहा था तब सभी पार्षद कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष सुभाष चावला के घर पर ही टीवी पर कार्रवाई देख रहे थे।
पार्टी के स्टैंड पर खरे उतरे: हरदीप सिंह
शिअद के एक मात्र पार्षद हरदीप सिंह ने भी मेयर चुनाव में हिस्सा नहीं लिया। उन्होंने कहा कि वह शहर की जनता के विश्वास पर खरे उतरे हैं। शहर का दिल जीतने के साथ पार्टी के स्टैंड पर खरे उतरे हैं। शहर में हर रोज अफवाह उठती कि वह भी बिक गये है लेकिन न वह बिके हैं और न ही बिकेंगे। नगर निगम चुनाव में शहर की जनता ने विपक्ष में बैठने का आदेश दिया है। उसी को स्वीकार किया है। मेरी पार्टी का कैडर मजबूत हुआ है। पार्टी के कार्यकर्ताओं का जोश देखते बनता है। दोनों पार्टियों के लोग ने मुझसे संपर्क किया लेकिन वह अपने स्टैंड पर रहे। दोनों ही पार्टियों से हमारे विचार नहीं मिलते।