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समर्थन वापसी पर जल्दबाजी नहीं करेगा शिअद, अध्यादेश के बारे में किसानों को समझाएंगे भाजपाई

Fri, 18 Sep 2020 09:40 PM IST
ajay kumar न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
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अश्वनी शर्मा, सुखबीर सिंह बादल। - फोटो : फाइल फोटो
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कृषि अध्यादेश के विरोध में शिरोमणि अकाल दल की सांसद हरसिमरत कौर बादल के मंत्री पद से इस्तीफे के बाद पंजाब में सियासी घमासान मच गया है। शिअद सहित अन्य राजनीतिक दलों ने इस्तीफा के दांव के बाद कृषि अध्यादेश को लेकर रणनीति में बदलाव शुरू कर दिया है। इस्तीफे के बाद शिअद केंद्र सरकार से समर्थन वापसी को लेकर जल्दबाजी में नहीं दिख रही है।

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इस्तीफे के बाद शुक्रवार को शिअद कोर कमेटी की आयोजित बैठक में सभी सदस्यों ने सांसद हरसिमरत कौर के इस्तीफे का समर्थन किया। बैठक की अध्यक्षता करते हुए पार्टी प्रधान सुखबीर बादल व अन्य सदस्यों ने कहा कि केंद्र की एनडीए सरकार से समर्थन वापसी को लेकर जल्दबाजी में कोई फैसला नहीं लिया जाएगा।

सदस्यों ने कहा कि इस्तीफे के बाद वह अब बिल के विरोध में किसानों के बीच जाएंगे। सूबे के किसानों का हित शिअद के लिए सर्वोपरि है, यदि उनके हितों की रक्षा के लिए उन्हें सड़कों पर भी उतरना पड़े तो वह गुरेज नहीं करेंगे। वहीं, भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष अश्वनी शर्मा की अध्यक्षता में हुई कोर कमेटी की बैठक में कुछ दिल्ली के वरिष्ठ नेता भी शामिल हुए। इसमें हरसिमरत कौर के इस्तीफे को लेकर बदले राजनीतिक समीकरणों की समीक्षा की गई। 

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जिला प्रधानों से जाना सूबे का हाल

देर शाम दो घंटे हुई वर्चुअल बैठक में भाजपा प्रदेश अध्यक्ष अश्वनी शर्मा ने जिला प्रधानों से इस्तीफे के बाद बदले राजनीतिक समीकरणों का हाल जाना। बैठक में प्रदेश अध्यक्ष ने जिला प्रधानों को हिदायत दी कि वह यह सुनिश्चित करें कि हर कार्यकर्ता कृषि अध्यादेश के सभी पहलुओं को लेकर गांव-गांव जाकर किसानों से रूबरू हों जिससे किसानों की बिल को लेकर गलतफहमी को दूर किया जा सके।

इस्तीफे को भुनाने में जुटी शिअद
केंद्रीय मंत्रिमंडल से सांसद हरसिमरत कौर के इस्तीफे को भुनाने में शिअद जुट गई है। पूर्व केंद्रीय मंत्री भी इस्तीफे के बाद सूबे में बदले सियासी समीकरणों को जानने के लिए पंजाब का दौर करेंगी। 21 सितंबर को सुबह 11 बजे बजे श्री दरबार साहिब पहुंचकर वह किसानों के हित में अरदास करेंगी। शिअद के प्रधान सुखबीर बादल और पूर्व केंद्रीय मंत्री इस दौरान वहां पहुंचने वाले दल के वरिष्ठ नेताओं से रूबरू होकर बदले समीकरणों पर चर्चा करेंगे।

कृषि अध्यादेश को अब राज्यसभा में रोकने का मौका: भगवंत मान
आम आदमी पार्टी पंजाब के अध्यक्ष व सांसद भगवंत मान ने देश के सभी राज्यसभा संसदों से आह्वान किया है कि वे मोदी सरकार की ओर से बहुमत की तानाशाही से लोकसभा में पास किए कृषि विरोधी बिलों को राज्य सभा में हरगिज पास न होने दें। भगवंत मान ने कहा कि 17 सितंबर को देश के किसान हमेशा ‘काले दिवस’ के तौर पर मनाएंगे। 

आम आदमी पार्टी के तीनों राज्यसभा सदस्य लाल बटन दबाकर इन काले कानूनों का विरोध करेंगे। भगवंत मान ने कृषि विरोधी अध्यादेशों पर बादल परिवार के यू-टर्न और हरसिमरत कौर बादल के इस्तीफे को बेमाना और नाटक करार दिया। आप सांसद ने पंजाब के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह से भी स्पष्टीकरण मांगा कि उन्होंने अंदर खाते अध्यादेशों को सहमति क्यों दी। 
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