भोपाल के बाद हरियाणा में महिलाओं के लिए खास रूम बनाए गए हैं, जिन्हें वे फ्री में यूज कर सकेंगी। ये अपने आप में एक नई और अनोखी पहल है। दरअसल हरियाणा में घर से निकलने के बाद महिलाओं को शौचालय से लेकर नवजात को स्तनपान कराने तक की दिक्कत आने वाले समय में नहीं रहेगी। शहरी स्थानीय निकाय विभाग ने इसका हल ढूंढ निकाला है। प्रदेश में भोपाल की तर्ज पर शीरो रूम बनेंगे।
पहला शीरो रूम सीएम सिटी करनाल में स्थापित हो चुका है, जिसे शहरी स्थानीय निकाय मंत्री कविता जैन सोमवार को महिलाओं को समर्पित करेंगी। शहरी क्षेत्र में मौजूद वर्तमान शौचालयों में एक तरफ पुरुष तो दूसरी तरफ महिलाओं के लिए व्यवस्था रहती है। अधिकांश सार्वजनिक शौचालयों पर पुरुष केयरटेकर ही होते हैं, ऐसी जगहों पर महिलाएं शौचालय के प्रयोग के लिए झिझक महसूस करती हैं। इसी को भांपते हुए शहरी स्थानीय निकाय विभाग ने शीरो रूम स्थापित करने की प्रक्रिया शुरू की है।
सोमवार को शहरी स्थानीय निकाय मंत्री कविता जैन करनाल नगर निगम द्वारा रेलवे रोड पर राजकीय महिला महाविद्यालय के पास तैयार किए पहले शीरो रूम का उद्घाटन करेंगी। भोपाल में शुरू हुए शीरो रूम महिलाओं की जरूरतों को पूरा करने में बेहतर माध्यम साबित हो रहे हैं, जिसे अब हरियाणा में शुरू किया जा रहा है। करनाल में ही दूसरा शीरो रूम आईटीआई चौक के पास जल्द तैयार हो जाएगा और नेहरू प्लेस मार्केट में तीसरे शीरो रूम के निर्माण के लिए ठेकेदार एजेंसी को काम अलॉट कर दिया गया है।
शीरो रूम में यह सुविधाएं उपलब्ध
आठ लाख रुपये की लागत से तैयार हो रहे शीरो रूम में महिलाओं के लिए वेटिंग रूम, शुद्ध पेयजल की उपलब्धता, बैठने व नवजात बच्चों को स्तनपान कराने की सुविधा, दो टॉयलेट, वॉश बेसिन, लाइटिंग, मोबाइल चार्जिंग पांइट की व्यवस्था कराई गई है। इसमें महिला कर्मचारी की ही नियुक्ति की जाएगी। राष्ट्रीय शहरी आजीविका मिशन के तहत सभी सुविधाओं की देखरेख होगी। महिलाओं एवं बच्चों के प्रयोग किए जाने वाले सामान को बेचने के लिए काउंटर भी स्थापित किया जाएगा।
इसलिए पड़ा शीरो रूम नाम
हरियाणा सरकार ने शीरो रूम की योजना भोपाल से अपनाई है। वहां पर शीरो रूम महिलाओं के लिए हैं। शीरो नाम इसलिए रखा गया है, क्योंकि शी शब्द का प्रयोग महिलाओं के लिए प्रयोग होता है। भोपाल में पुरुषों के लिए ही से हीरो रूम भी है।