उन्हीं की पार्टी के कार्यकर्ता गांव खुर्दबन निवासी कर्मवीर ने अपनी शिकायत में बताया था कि 2 जुलाई 2016 को कुछ लोगों ने उनकी 96 कनाल 10 मरले भूमि को बेचने के लिये फर्जी दस्तावेज तैयार किए। जिसके आधार पर फर्जी दस्तावेजों से उनकी भूमि का इकरारनामा तैयार किया गया। इकरारनामे से कुछ लोगों ने उनकी भूमि दिखाकर लाखों रुपये ऐंठ लिए। उन्होंने इसकी शिकायत कोर्ट में दी। कोर्ट के आदेश पर 27 नवंबर को एफआईआई दर्ज की गई। उसके बाद 29 नवंबर को शेर सिंह बड़शामी ने कोर्ट में सरेंडर कर दिया था।
लंबे समय से जमानत पर बाहर है
जेबीटी टीचर भर्ती घोटाले में सजायाफ्ता और लंबे समय से जमानत पर बाहर रह रहे इनेलो के पूर्व प्रदेशाध्यक्ष व पूर्व विधायक शेरसिंह बड़शामी की सितंबर में दिल्ली में कोर्ट ने सरेंडर करने के आदेश दिए थे, लेकिन उन्होंने ऊपरी अदालत में अपील की। वहां भी अपील रद्द हो गई।
जिला सहायक न्यायवादी अरुण कुमार ने बताया कि जमीन के खरीद फरोख्त के मामले में रादौर पुलिस ने शेर सिंह को न्यायालय पेश किया था। उन्हें 14 दिन की न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया है। सीबीआई की टीम ने कोर्ट में किसी तरह की कोई अर्जी नहीं दी है।