कड़ाके की सर्दी में बाहर खुले में सोने वाले लोगों को पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट से राहत मिली है। हाईकोर्ट ने चंडीगढ़ प्रशासन को निर्देश जारी किए हैं कि शहर में स्वयंसेवी संगठनों की मदद से शेल्टर बनाए जाएं, ताकि वह रात के समय वहां सो सकें।
चीफ जस्टिस संजय किशन कौल ने टिप्पणी की है कि इस समस्या का आसान और जल्द समाधान निकाल पाना मुश्किल है, लेकिन सिस्टम को इस दिशा में सुधार के लिए पूरी तरह मुस्तैद रहना चाहिए।
चंडीगढ़ में पिछले साल दिसंबर से जनवरी में चलाए अवैध अतिक्रमण हटाने की मुहिम के बाद यह मामला हाईकोर्ट पहुंचा था।
हाईकोर्ट में दाखिल याचिका में कहा गया है कि 27 दिसंबर 2012 और 16 जनवरी 2013 को हजारों की तादाद में घर गिराए गए और सैकड़ों लोगों को कड़ाके की सर्दी में खुले मैदान में सोना पड़ा।
इनमें सैकड़ों की तादाद में मासूम बच्चे और महिलाएं शामिल थीं। मामले पर बुधवार को सुनवाई के दौरान हाईकोर्ट ने कहा कि मौजूदा समय में रात काटने के लिए शेल्टरों की बढ़ोतरी करना बेहद जरूरी है।
हाईकोर्ट ने कहा कि प्रशासन एक सर्वे के तहत इस काम को पूरा कर सकता है। इसमें एनजीओ का सहयोग लिया जाए।
हाईकोर्ट ने कहा कि हम जानते हैं कि प्रतिवादी इस काम में जुटकर इस समस्या का समाधान निकाल सकते हैं। एक अच्छे उद्देश्य के साथ आर्थिक पिछड़ा वर्ग के लिए चल रही स्कीमों के तहत इन लोगों के लिए अलग घरों की व्यवस्था हो सकती है।