आम आदमी पार्टी (आप) में गुटबाजी व तालमेल की कमी अब उभरकर सामने आ गई है। शुक्रवार को पार्टी की प्रेस वार्ता थी।
प्रेस वार्ता का विषय चंडीगढ़ में 12 को आयोजित होने वाली रैली के बारे में बताना था। अधिकतर बातें चंडीगढ़ को लेकर थी, लेकिन पिछले कई दिनों से पार्टी के लिए जी-जान से जुटे कार्यकर्ताओं को इस बारे में सूचना नहीं दी गई।
उन्हें प्रेस वार्ता में बुलाया ही नहीं गया। इससे चंडीगढ़ के कार्यकर्ताओं में नाराजगी है। उनका कहना है कि पार्टी से उनकी कोई नाराजगी नहीं है, लेकिन जब ऐसा कोई कार्यक्रम हो रहा है तो पार्टी के कार्यकर्ताओं को जरूर सूचना देनी चाहिए थी।
प्रेस वार्ता में चंडीगढ़ के संगठन और अन्य मुद्दों पर पत्रकारों ने विस्तार से बातचीत की, लेकिन वे उनका सटीक जवाब नहीं दे पाए।
प्रेस वार्ता में सिर्फ हरियाणा के मुख्य प्रवक्ता राजीव गोदारा व उनके एक साथी पहुंचे हुए थे। उन्होंने बताया कि आलाकमान ने उन्हें और आशावंत गुप्ता को चंडीगढ़ के ऑब्जर्वर के रूप में भेजा है।
उन्होंने इस बात पर भी जोर दिया कि चंडीगढ़ के कार्यकर्ताओं में किसी प्रकार की गुटबाजी नहीं है। सभी अपने-अपने स्तर पर तैयारी कर रहे हैं।
वे रैली के लिए डोर टू डोर कार्यकर्ताओं से मिल रहे हैं, इसलिए उन्हें बुलाया नहीं गया है। जब इस बारे में चंडीगढ़ के कार्यकर्ताओं से बात की गई तो वे काफी नाराज दिखे।
उन्होंने कहा कि इस बारे में राजीव गोदारा से बात करेंगे कि उन्हें क्यों नहीं बुलाया गया। आप के सक्रिय कार्यकर्ता पीपी घई ने बताया कि उन्हें प्रेस वार्ता के बारे में जानकारी नहीं थी।
आप के लिए लगातार साइकिल यात्रा व मेंबरशिप अभियान चला रहे गुरजसजीत सिंह ने भी कहा कि उन्हें प्रेस वार्ता की सूचना नहीं थी। उन्होंने कहा कि यदि ऐसी कोई प्रेसवार्ता थी तो यहां के कार्यकर्ताओं को बुलाना चाहिए था।