ट्रैवल एजेंट ने अच्छे भविष्य के सपने दिखाकर टूरिस्ट वीजे पर विदेश भेजा था। वहां पहुंचने पर उसने विरोध किया तो उसके दस्तावेज छीन लिए गए और उसे एक शेख के घर में काम करने के लिए मजबूर किया गया। इसके बाद उसे पीटा गया और बंधक बनाकर एक कमरे में बंद कर दिया गया। भूखा रखा गया और यह प्रताड़ना 20-25 दिनों तक जारी रही। पीड़िता ने एजेंट के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।
अन्य लड़कियों को वापस लाने के कदम उठाए भारत सरकार
पीड़ित युवती ने बताया कि भारत वापस जाने की बात करने पर उसे पीटा गया। वहां पंजाब की कई और लड़कियां फंसीं हैं। उन पर भी जुल्म हो रहा है। भारत सरकार इन लड़कियों को वापस लाने के कदम उठाए। पीड़िता ने बताया कि किसी तरह परिवार से अपनी आपबीती साझा की। इसके बाद परिवारवालों ने पंजाब किसान यूनियन (बागी) के सदर से संपर्क किया। उनकी मदद से वह भारत लौट पाई है। यूनियन नेताओं ने जिला होशियारपुर के गढ़शंकर थाने की पुलिस पर शिकायत देने के बावजूद एजेंट पर कानूनी कार्रवाई न करने का आरोप लगाया है।
प्रदेश महासचिव गुरदीप सिंह भंडाल ने कहा कि उक्त ट्रैवल एजेंट व उसके साथियों पर कानूनी कार्रवाई करने की मांग की है। पुलिस परिवार को एजेंट के साथ राजीनामा करने को कह रही है। उन्होंने कहा कि उक्त ट्रैवल एजेंट अपने साथियों के साथ गरीब घर की लड़कियों को विदेश में बेच रहा है। उन्होंने पंजाब के मुख्यमंत्री से भी इस मामले में एजेंट के खिलाफ कानूनी कार्रवाई करने की अपील की।