शंकराचार्य निश्चलानंद सरस्वती महाराज।
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शंकराचार्य निश्चलानंद सरस्वती महाराज ने अपने प्रवास के दूसरे दिन शुक्रवार को चंडीगढ़ सेक्टर-21 में पत्रकारवार्ता की। शंकराचार्य ने कहा कि दुनिया के 15 देश इस वक्त हिंदू राष्ट्र बनने की भारत तरफ देख रहे हैं।
उन्होंने कहा कि सरकार भारत को हिंदू राष्ट्र बनाने की अपनी दृढ़ इच्छाशक्ति प्रकट करे तो ये देश भी स्वयं को हिंदू राष्ट्र घोषित करने में देर नहीं लगाएंगे। इसके बाद यह शृंखला बढ़ती जाएगी। हिंदू राष्ट्र के नाम पर किसी को डरने की जरूरत नहीं है क्योंकि सभी के पूर्वज हिंदू ही थे।
शंकराचार्य ने कहा कि संघ और राजनीतिक संगठन खुलकर हिंदू राष्ट्र की बात नहीं कर सकते हैं। जब हमारे जैसे संगठन हिंदू लहर पैदा कर देंगे तब ये लोग राजनीतिक रोटियां सेकने के लिए नकल करना शुरू कर देंगे। जब मैं हिंदू राष्ट्र की बात करता हूं तो देश का कोई भी राजनीतिक, सामाजिक या धार्मिक संगठन इसका विरोध नहीं कर सकता, क्योंकि हम तथ्यों के आधार पर बात करते हैं।
ज्ञानवापी मस्जिद के विषय पर पूछे गए एक सवाल का जवाब देते हुए शंकराचार्य ने कहा कि अदालत की प्रक्रिया में यह केस भविष्य में लंबा चलेगा। आज तक किसी ने भी हिंदू राष्ट्र के मार्ग पर चलने के लिए गंभीरता से कार्य नहीं किया।
सभी केवल कागजी बयानबाजी तक सीमित रहे लेकिन अब हम मैदान में खुलकर हिंदू राष्ट्र बनाने का आह्वान कर हर सनातनी घर से हिंदू सैनिक पैदा करेंगे। बहुत जल्द हिंदू लहर पैदा कर देश के करोड़ों लोगों को संगठन के साथ जोड़ेंगे। धर्म परिवर्तन के मुद्दे पर उन्होंने कहा कि अपने वंश को छोड़कर लोग न जाएं।
हमारी बात आज भी सुनते हैं प्रधानमंत्री
शंकराचार्य ने कहा कि प्रधानमंत्री बनने से पहले नरेंद्र मोदी मेरे पास घंटों बैठकर कई ज्वलंत मुद्दों पर लंबी वार्ता किया करते थे। अब प्रोटोकॉल व अन्य मजबूरियों के चलते भेंट करना संभव नहीं हो पाता है लेकिन वे हमारी बात को अब भी ध्यान से सुनते हैं। इससे पहले अशोक सिंघल, मुरली मनोहर जोशी सहित कई लोग बैठकर मुझसे चर्चा करते थे।