हरियाणा विधानसभा चुनाव से पहले ही आपसी फूट का शिकार हो चुकी प्रदेश कांग्रेस शनिवार को पहली बार एकजुट दिखाई दी। मौका था डा. अंबेडकर की 125वीं जयंती के उपलक्ष्य में वर्ष भर के कार्यक्रमों की रूपरेखा तय करने का। इस अवसर पर आयोजित प्रेस कांफ्रेंस में कांग्रेस के प्रदेश प्रभारी शकील अहमद के साथ प्रदेशाध्यक्ष डा. अशोक तंवर, पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा, कैप्टन अजय यादव, फूलचंद मुलाना एकसाथ दिखाई दिए और उन्होंने पत्रकारों के सवालों केजवाब भी दिए। शकील अहमद ने कहा कि इस विधानसभा चुनाव के बाद हरियाणा की जनता परेशानी में फंस गई है। यदि आज राज्य में चुनाव हो जाएं तो कांग्रेस सत्ता में लौट आएगी।
शकील अहमद ने सबसे पहले वार्षिक कार्यक्रम की जानकारी देते हुए बताया कि कांग्रेस बाबासाहेब की 125वीं जयंती के उपलक्ष्य में साल भर राज्य स्तर केछह बड़े कार्यक्रमों का आयोजन करेगी।
पहला कार्यक्रम 20 जुलाई को पंचकूला में होगा। वार्षिक आयोजनों का समापन 14 अप्रैल, 2016 को कुरुक्षेत्र में किया जाएगा। इसके अलावा चार अन्य बड़े आयोजन डिवीजन और मुख्यालय स्तर पर किए जाएंगे।
इनमें से एक कार्यक्रम अंबाला में, दूसरा गुड़गांव डिवीजन के रेवाड़ी में, तीसरा रोहतक डिवीजन के सोनीपत में और हिसार डिवीजन का हिसार में आयोजित किया जाएगा।
शकील अहमद ने कहा कि कांग्रेस पहले भी डा. अंबेडकर की स्मृति में कार्यक्रमों का आयोजन करती रही है। मोदी सरकार की ओर से सरदार पटेल की याद में कार्यक्रम किए जाने पर शकील ने कहा कि किसी को भूलना नहीं चाहिए कि सरदार पटेल कांग्रेसी नेता थे। उन्होंने ही महात्मा गांधी की हत्या के बाद आरएसएस पर प्रतिबंध लगाया था।