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शाही माजरा का कूड़े का पहाड़ : सियासत गरमा रही, समाधान कोसो दूर

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मोहाली। शाही माजरा के गार्बेज प्लांट को लेकर शहर की सियासत एक बार फिर गरमा गई है। कूड़े के पहाड़ से परेशान स्थानीय लोगों की समस्याओं को लेकर अलग-अलग राजनीतिक दल अपने-अपने स्तर पर सक्रिय नजर आए। फिलहाल समस्या का कोई ठोस समाधान नहीं निकल पाया है। एक तरफ जहां आम आदमी पार्टी की नेता अनु बब्बर और कुछ निवासी एक तरफ स्थानीय विधायक से मिले, वहीं दूसरी तरफ अकाली दल की तरफ से पूर्व पार्षद कुलदीप कौर कंग और भाजपा के पूर्व पार्षद अशोक झा इलाका निवासियों को साथ लेकर नगर निगम कमिश्नर संदीप सिंह के साथ बैठक कर इस मुद्दे को उठाया। सभी पक्षों ने कूड़े के बढ़ते ढेर और उससे पैदा हो रही समस्याओं को गंभीर बताया, लेकिन बैठक के बाद भी स्थिति जस की तस बनी हुई है। इस मौके पर समाजसेवी गुरकिरपाल सिंह सिद्धू, राम कुमार शाहीमाजरा, बाबू खान, पंजाब महिला कांग्रेस से पूनम, जसविंदर कौर, सुरिंदर सिंह बुट्टर, सुनील कुमार भारीवाल, बलवीर सिंह आदि मौजूद रहे।
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कमिश्नर ने मांगा समय, प्लांट शिफ्ट करने में सहयोग की अपील
नगर निगम कमिश्नर संदीप सिंह ने कूड़े के पहाड़ को हटाने के लिए समय मांगा है, हालांकि उन्होंने यह स्पष्ट नहीं किया कि इसमें कितना समय लगेगा। उन्होंने स्थानीय लोगों से प्लांट को शिफ्ट करने की प्रक्रिया में सहयोग करने की अपील भी की है। कमिश्नर ने माना कि शाही माजरा का गार्बेज प्लांट अब शहर के लिए गंभीर समस्या बन चुका है। इसके समाधान के प्रयास किए जा रहे हैं। हालांकि लोगों का कहना है कि लंबे समय से सिर्फ आश्वासन ही मिल रहे हैं, जमीनी स्तर पर कोई ठोस कार्रवाई नजर नहीं आ रही।


बदबू और बीमारियों से परेशान लोग, आंदोलन की चेतावनी
स्थानीय निवासियों का कहना है कि कूड़े के पहाड़ के कारण इलाके में रहना दूभर हो गया है। हर समय बदबू, मच्छरों का प्रकोप और बीमारियों का खतरा बना रहता है। शुक्रवार को एक बार फिर कूड़े के ढेर के पास लगी सब्जी मंडी ने हालात की गंभीरता को उजागर कर दिया। लोगों का आरोप है कि राजनीतिक दल इस मुद्दे पर एक-दूसरे पर आरोप लगाने में व्यस्त हैं, जबकि आम जनता को राहत नहीं मिल रही। उन्होंने चेतावनी दी है कि यदि जल्द कोई ठोस समाधान नहीं निकाला गया तो वे बड़े स्तर पर आंदोलन करने को मजबूर होंगे।
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