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भगत सिंह ने इस पिस्तौल से सांडर्स को मारा था, अब हक के लिए मामला पहुंचा कोर्ट

Sun, 19 Mar 2017 09:22 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़
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शहीद भगत सिंह की पिस्तौल - फोटो : File Photo
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शहीद-ए-आजम भगत सिंह की पिस्तौल इंदौर के बीएसएफ म्यूजियम से खटखड़ कलां स्थित म्यूजियम में रखे जाने की अपील के साथ पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट में जनहित याचिका दाखिल की गई है। इसी पिस्तौल से भगत सिंह ने सांडर्स पर गोली चलाई थी। हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस एसजे वजीफदार पर आधारित खंडपीठ ने याचिका पर केंद्र सरकार, पंजाब सरकार और बीएसएफ को 19 अप्रैल के लिए नोटिस जारी कर जवाब मांगा है। 
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एडवोकेट एचसी अरोड़ा ने याचिका में कहा है कि 1944 में लाहौर के तत्कालीन एसएसपी ने यह पिस्तौल फिल्लौर की पंजाब पुलिस एकेडमी में भेजी थी। 1969 तक यह पिस्तौल एकेडमी से बीएसएफ के पास पहुंच गई।

याची ने कहा कि बीते साल नवंबर में पता चला कि शहीद भगत सिंह की पिस्तौल अब इंदौर में बीएसएफ के म्यूजियम में है। इसके बाद याची ने केंद्र को लीगल नोटिस भेजकर पिस्तौल को इंदौर के बीएसएफ म्यूजियम से खटखड़ कलां के म्यूजियम में लाए जाने की मांग की थी। 
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हाईकोर्ट ने पंजाब सरकार और केंद्र सरकार से मांगा जवाब

Punjab And Haryana Highcourt Chandigarh - फोटो : File Photo
अरोड़ा ने कहा कि खटखड़ कलां में भगत सिंह का जन्म हुआ था। अब उनकी याद में यहां एक म्यूजियम भी है। याची ने कहा कि हजारों लोग शहीद भगत सिंह से जुड़ी वस्तुओं को देखने के खटकड़ कलां रोजाना आते हैं।

ऐसे में भगत सिंह से जुड़ी इस पिस्तौल को भी इंदौर के बीएसएफ म्यूजियम से लाकर उनके जन्म स्थान पर बने म्यूजियम में रखा जाना चाहिए। याची ने बताया कि केंद्र ने उनके लीगल नोटिस पर बीएसएफ मुख्यालय को पत्र भी लिखा था। इस पत्र पर अब तक बीएसएफ ने कोई भी कार्रवाई नहीं की है। ऐसे में अब याची को जनहित याचिका का सहारा लेना पड़ा।
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