पंजाब विधानसभा के अध्यक्ष राणा केपी सिंह राजस्थान के समधी बन गए हैं। रविवार को रूपनगर (रोपड़) में आयोजित सादे समारोह में राणा केपी सिंह के बेटे एडवोकेट वीपी सिंह का रिश्ता राजस्थान के बोहेड़ा राजपरिवार के रावल अजय सिंह की बेटी त्रयंबिका के साथ तय हुआ। पंजाब सरकार की कोरोना गाइडलाइन का पालन करते हुए यह वैवाहिक रस्म बिना तामझाम के साधारण तरीके से संपन्न हुई। यहां तक कि शहर में भी किसी को इसकी भनक नहीं लग पाई। इस रिश्ते से दोनों परिवार खुश हैं।
माना जाता है कि उदयपुर के बोहेड़ा राजपरिवार के सदस्य महाराणा प्रताप के छोटे भाई शक्ति सिंह के वंशज हैं। इस नाते इस रिश्ते को दो संस्कृतियों के मिलन के तौर पर देखा जा रहा है। शगुन की यह रस्म रोपड़ के ज्ञानी जैल सिंह नगर स्थित राणा केपी सिंह के निवास पर संपन्न हुई। इसमें दोनों परिवारों की ओर से केवल चार-चार लोग ही शामिल हुए, जिन्होंने टीके की रस्म पूरी होने के बाद एक-दूसरे को बधाई दी।
राणा केपी सिंह ने इस रिश्ते की पुष्टि की है। अमर उजाला से बातचीत में उन्होंने कहा कि मेवाड़ के रजवाड़े की बेटी राणा परिवार का सदस्य बनने जा रही है, यह हमारे लिए गर्व की बात है।
इससे पहले मेवाड़ के बोहेड़ा राजपरिवार के सदस्य रावल अजय सिंह ने अपनी बेटी त्रयंबिका के लिए राणा केपी सिंह से उनके बेटे वीपी सिंह का हाथ मांगा था, जिसे उन्होंने स्वीकार कर लिया। इसके बाद वे अपने भाई रावल विक्रम सिंह के साथ रविवार को उदयपुर से रोपड़ पहुंचे, जहां राणा परिवार की ओर से उनका स्वागत किया गया।
यहां सिख परंपरा के अनुसार शगुन के धार्मिक रीति-रिवाज निभाए गए और राणा व रावल परिवार के सदस्यों ने दोपहर का भोज एकसाथ किया। समारोह में राणा केपी सिंह के साथ उनके भाई सुमेर सिंह लालपुर, बेटा वीपी सिंह, समधी कंवर रामसरूप व दामाद डॉ. ध्रुव सिंह मौजूद रहे।