पंजाबी, हिंदी, टीवी सीरियल सहित तमाम छोटे से लेकर बड़े पर्दे पर अब सिख धर्म में विवाह (आनंद कारज) का सीन नहीं देख पाएंगे। शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी (एसजीपीसी) इस पर जल्द फैसला लेने वाली है। यह फैसला बीते दिन मोहाली में हुई घटना के बाद लिया जा सकता है।
मोहाली में एक सीरियल के लिए नकली गुरुद्वारा साहिब बनाकर सिख शादी (आनंद कारज) का सीन शूट किया जा रहा था, वहां पहुंचे निहंगों ने यह देख हंगामा कर दिया। यहां तक शूटिंग भी रुकवा दी। इसके अलावा पुलिस से मांग की गई थी कि नकली गुरुद्वारा बनाकर आनंद कारज का सीन शूट करने वालों के खिलाफ बेअदबी का केस दर्ज कर उनके खिलाफ कार्रवाई की जाए।
वहीं, सीरियल की शूटिंग कर रही प्रोडक्शन यूनिट ने निहंगों पर उनके साथ अभद्रता करने का आरोप लगाते हुए पुलिस को शिकायत दी है। शिकायत कहा गया कि निहंगों ने उनके कैमरे व अन्य सामान के साथ तोड़फोड़ और उनके साथ मारपीट की है।
अकाल तख्त जत्थेदार ज्ञानी रघबीर सिंह ने इस मामले में एसजीपीसी से रिपोर्ट भी मांगी है। जिसके बाद इसको लेकर अकाल तख्त से आदेश जारी हो सकते हैं। अकाल तख्त साहिब के जत्थेदार ज्ञानी रघबीर सिंह ने मोहाली में नकली गुरुद्वारा साहिब में नकली आनंद कारज करने की घटना की निंदा की। उन्होंने कहा कि फिल्म व नाटक के डायरेक्टर अपने कारोबार व्यापार के लिए सिख परपंराओं से खिलवाड़ कर रहे हैं। अगर वह इन हरकतों से बाज नहीं आए तो श्री अकाल तख्त साहिब को उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई करनी पडे़गी।
इधर, शिरोमणि कमेटी के अध्यक्ष एडवोकेट हरजिंदर सिंह धामी ने कहा कि सिख भावनाओं को ठेस पहुंचाने वाली ऐसी घटनाओं को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।