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सिख रेफरेंस लाइब्रेरी का खजाना बेचे जाने की जांच करेगी एसजीपीसी, अमेरिका-इंग्लैंड भी जा सकती कमेटी

Thu, 13 Jun 2019 11:39 PM IST
ajay kumar न्यूज डेस्क, अमर उजाला, अमृतसर (पंजाब)
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SGPC - फोटो : अमर उजाला
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शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी ने एक बार फिर दावा किया है कि केंद्र सरकार और भारतीय सेना ने ऑपरेशन ब्लू स्टार के दौरान जब्त किए सिख रेफरेंस लाइब्रेरी में सुशोभित बहुमूल्य खजाने को पूरी तरह नहीं लौटाया है। इसके अलावा श्री गुरुग्रंथ साहिब जी हस्तलिखित स्वरूपों को बेचने के आरोपों की जांच के लिए एक उच्चस्तरीय जांच कमेटी का गठन किया जाएगा। 

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इस कमेटी की अध्यक्षता भाई गोबिंद सिंह लौंगोवाल करेंगे। कमेटी में एसजीपीसी के ट्रस्टी सदस्य, हस्तलिखित विशेषज्ञ, कानूनी माहिर और एसजीपीसी के अधिकारी शामिल किए जाएंगे। कमेटी को जांच के लिए यदि इंग्लैंड व अमेरिका भी जाना पड़ा तो वहां जाकर भी जांच की जाएगी। लाइब्रेरी के बहुमूल्य खजाने को खुर्द-बुर्द करने के समाचार के बाद एसजीपीसी द्वारा गुरुवार को सभी पूर्व अधिकारियों के साथ एक बैठक आयोजित की गई।

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इसमें पूर्व और वर्तमान एसजीपीसी के 21 अधिकारी शामिल हुए। बैठक के बाद एसजीपीसी के चीफ सेक्रेटरी डॉ. रूप सिंह ने कहा कि यह मामला बेहद संवेदनशील है। जांच के दौरान कोई भी आरोपी पाया गया तो उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। 1984 के ऑपरेशन ब्लू स्टार के बाद एसजीपीसी में 17 सचिव, 18 लाइब्रेरी इंचार्ज, दो डायरेक्टर और आठ लाइब्रेरियन सेवा निभा चुके हैं। 

यदि केंद्र ने सिख रेफरेंस लाइब्रेरी का पूरा सामान लौटा दिया था तो इन सभी अधिकारियों और कर्मचारियों की नजर क्यों नहीं पड़ी। उन्होंने कहा कि इस समय रिकॉर्ड के अनुसार लाइब्रेरी में 24,999 पुस्तकें, 560 हस्तलिखित पावन स्वरूप और 1398 हस्तलिखित पोथियां मौजूद हैं।

307 हस्तलिखित पावन स्वरूप, 11107 पुस्तकें एसजीपीसी के पास नहीं पहुंची 
डॉ. रूप सिंह ने बताया कि लाइब्रेरी के पूर्व डायरेक्टर अनुराग सिंह द्वारा उपलब्ध सूची के अनुसार श्री गुरु ग्रंथ साहिब जी के 205 हस्तलिखित स्वरूप, 807 पुस्तकें, एक हुक्मनामा और समाचार पत्र ही लौटाए गए थे। 307 हस्तलिखित पावन स्वरूप, 11 हजार 107 पुस्तकें एसजीपीसी के पास नहीं पहुंची। इसे लौटाने के लिए एसजीपीसी अब तक 85 पत्र केंद्र सरकार को लिख चुका है। 
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