पिछले दिनों एक एसएचओ द्वारा वुमन सेल की एक महिला कांस्टेबल के साथ शारीरिक शोषण करने का मामला आईजी बठिंडा रेंज और वुमन सेल चंडीगढ़ के पास पहुंचने के बाद भी पीड़िता ने इंसाफ मिलने तक पुलिस की वर्दी नहीं पहनने का फैसला लिया है।
महिला कांस्टेबल ने कहा कि उसने पुलिस के पास अपने बयान दर्ज करवा दिए हैं तथा अब पुलिस इस मामले में आगे की कार्रवाई नहीं कर रही है।
पीड़ित महिला कांस्टेबल ने एसएचओ मनजीत सिंह पर थाना सदर में रहते हुए लंबे समय तक शारीरिक शोषण करने का आरोप लगाया है व इस संबंधी वुमन सेल और मानसा पुलिस को बयान भी दर्ज करवा दिए हैं।
पीड़िता का कहना है कि उसे मानसा पुलिस पर पहले से ही विश्वास नहीं था, लेकिन पुलिस की ओर से बनाई गई कमेटी के बार-बार कहने पर उसने अपने बयान दर्ज करवाए। पुलिस की ओर से अभी तक कोई कार्रवाई न होने पर उसकी चिंता बढ़ गई है।
अपने ही विभाग से ना-उम्मीद हुई महिला कांस्टेबल ने तब तक पुलिस की वर्दी नहीं पहनने का फैसला किया है, जब तक उसे इंसाफ देकर रामा मंडी में तैनात मानसा वासी एसएचओ मनजीत सिंह पर पर्चा दर्ज नहीं किया जाता।
मामले की जांच कर रहे एसपीएच कुलदीप शर्मा का कहना है कि उच्चाधिकारियों के आदेशों पर बनाई कमेटी की ओर से पीड़ित महिला कांस्टेबल के बयान ले लिए गए हैं। जल्द ही दूसरे पक्ष को बुला कर उनके बयान लेने के बाद इसकी रिपोर्ट एसएसपी मानसा को भेजी जाएगी। एसएसपी विक्रमपाल सिंह भट्टी ने बताया कि पीड़िता के बयान लेने के लिए बनाई कमेटी की रिपोर्ट मिलने के बाद बनती कार्रवाई की जाएगी।