केंद्रीय गृह राज्य मंत्री किरण रिजीजू
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पंजाब, जम्मू-कश्मीर, हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड समेत आसपास के राज्यों में किसी भी तरह की आपदा के वक्त नेशनल डिजास्टर रिस्पांस फोर्स (एनडीआरएफ) की मूवमेंट अब लुधियाना से होगी।
एनडीआरएफ की 7वीं बटालियन का हेडक्वार्टर लाडोवाल में बनाया जा रहा है। इसके लिए 51 एकड़ जमीन पंजाब सरकार ने मुफ्त में दी है। मंगलवार को केंद्रीय गृह राज्य मंत्री किरण रिजीजू ने इसका नींव पत्थर रखा। 200 करोड़ की लागत से बनने वाला यह हेडक्वार्टर 2018 तक बनकर तैयार हो जाएगा। इसे आधुनिक सुविधाओं से लैस किया जाएगा। इस अवसर पर एनडीआरएफ के माहिर जवानों ने मॉक ड्रिल भी की। फिलहाल एनडीआरएफ की 7वीं बटालियन बठिंडा में कैंप कर रही है। इसे अब लुधियाना में शिफ्ट किया जा रहा है।
नींव पत्थर रखने के बाद रिजिजू ने कहा कि आपदा प्रबंधन में भारत विश्व का अग्रणी देश है। एनडीआरएफ ने देश में ही नहीं बल्कि विदेशों में भी अपनी काबलियत की मिसालें पैदा की हैं। रिजिजू ने विकास के लिए प्राकृतिक के साथ हो रही छेड़छाड़ पर चिंता जताई। उन्होंने कहा कि दशकों के विकास को एक प्राकृतिक आपदा तहस नहस कर सकती है, इसकी कई मिसालें हैं। ऐसे में आपदा प्रबंधन का मजबूत होना अनिवार्य है।
200 करोड़ की लागत से बनेगा हेडक्वार्टर
सातवीं बटालियन के हेडक्वार्टर का केंद्रीय गृह राज्य मंत्री ने रखा नींव पत्थर
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दूसरे विशेष फोर्स के अलावा आम लोगों, युवाओं और समाज को भी जागरूक करना अनिवार्य है। इसके लिए भी एनडीआरएफ लगातार प्रयासरत है। पुलिस के मुलाजिमों को भी आपदा प्रबंधन के लिए ट्रेंड किया जा रहा है। साथ ही स्कूल, कालेज के बच्चों, एनजीओ इत्यादि को भी जागरूक किया जा रहा है।
इस दौरान राजस्व मंत्री बिक्रम सिंह मजीठिया ने कहा कि सूबा सरकार ने एनडीआरएफ हेडक्वार्टर के लिए 51 एकड़ जमीन मुफ्त दी है। अब इस सेंटर को एनएच-वन के साथ जोड़ने के लिए दस एकड़ जमीन की मांग की गई है, सरकार इस पर भी गंभीर है। एनडीआरएफ के डायरेक्टर जनरल आरके पशनंदा ने हेडक्वार्टर पर हेलीपैड बनाने समेत कई मांगें रखी। इस पर रिजिजू ने कहा कि एनडीआरएफ की हर मांग को पूरा किया जाएगा।
इस अवसर पर एक औद्योगिक इकाई में क्लोरीन गैस लीक होने के बाद मची अफरातफरी, लोगों के बेहोश होने और उनको बचाने के लिए मॉक ड्रिल की गई। इसके अलावा एक मिनट की तैयारी ड्रिल भी की गई। समारोह में सिंचाई मंत्री शरणजीत सिंह ढिल्लों, भाजपा नेता कमल शर्मा, प्रो. राजिंदर भंडारी, डीसी रवि भगत और पुलिस कमिश्नर जतिंदर सिंह औलख मौजूद रहे।