नारायणगढ़ के एक गांव की युवती को बहला-फुसलाकर दुराचार करने के दोषी कुरुक्षेत्र निवासी कर्मबीर को सात साल की कैद व छह हजार रुपये जुर्माना की सजा सुनाई है। इस मामले में एक अन्य युवक पर भी आरोप लगाए गए थे, लेकिन युवक पुलिस जांच में निर्दोष पाया गया।
मई 2013 में नारायणगढ़ के एक गांव निवासी एक व्यक्ति ने पुलिस को शिकायत दी थी। कि उनकी बेटी 30 अप्रैल 2013 को कॉलेज में पेपर देने के लिए गई थी, लेकिन शाम तक घर नहीं पहुंची। करीब दो दिनों बाद युवती ने घर पहुंचकर परिजनों को अपने साथ हुए दुराचार की जानकारी दी। उसने बताया कि कर्मबीर ने मां की तबीयत का झूठा बहाना बनाकर कार में बैठा लिया। इस दौरान कर्मबीर ने उसे कुछ खाने के लिए दिया, जिससे वह बेहोश हो गई थी।
इस दौरान आरोपी ने उसके साथ दुराचार किया। इसके बाद कर्मबीर के एक दोस्त ने उसे घर के बाहर छोड़ दिया। युवती ने बताया कि कर्मबीर पहले से शादीशुदा था उसके दो बच्चे भी हैं। इसके बाद परिजनों की शिकायत पर पुलिस ने कर्मबीर व एक अन्य के खिलाफ मामला दर्ज किया था। कई माह तक चली सुनवाई के बाद अदालत ने सोमवार को दुराचार के दोषी कर्मबीर को सात साल कैद और दह हजार जुर्माना अदा करने की सजा सुनाई। इससे पहले पुलिस जांच में निर्दोष पाए जाने पर दूसरे आरोपी को पुलिस ने छोड़ दिया था।