-पंजाब मंत्रिमंडल की बैठक में लिए गए सात अहम फैसले, उद्योगपतियों को होगा फायदा
-काश्तकार के रूप में जमीन की लंबे समय से देखरेख कर रहे लोगों को मालिकाना हक
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अमर उजाला ब्यूरो
चंडीगढ़। पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान की अध्यक्षता में मंगलवार को हुई कैबिनेट की बैठक में 7 अहम फैसले लिए गए। पर्यावरण मंजूरी के लिए सरकार ने सात नए स्लैब तय किए गए हैं। 5 करोड़ तक के निवेश पर 25 हजार फीस देनी होगी। सरकार पहली बार वेस्टिंग ऑफ प्रॉपर्टी राइट्स-2023 लेकर आई है। इस नए एक्ट के जरिये बीते 70 से 100 साल से जमींदारों के खेतों में काम करने वाले लोगों को अब मालिकाना हक मिल सकेगा। वेस्टिंग ऑफ प्रॉपर्टी राइट्स के जरिये सरकार के रेवेन्यू रिकॉर्ड में जो लोग काश्तकारों के रूप में जमीन की लंबे समय से देखरेख कर रहे हैं, उन्हें अब मालिकाना हक दिया जाएगा। कैबिनेट मंत्री अमन अरोड़ा ने बताया कि सरकार ने ऐसे 11,231 काश्तकारों को चिह्नित किया है। ये 11,231 काश्तकार प्रदेश में तकरीबन 4,196 एकड़ जमीन की देखरेख कर रहे हैं। इनमें ज्यादातर जमीन माझा बेल्ट में हैं, सरकार अब इन्हें मालिकाना हक देने जा रही है।
पर्यावरण सुधार की दिशा में बड़ा कदम उठाया है। प्रदेश में कोई भी प्लांट, उद्योग, कारोबार या प्रोजेक्ट लगाने से पहले पर्यावरण विभाग से मंजूरी लेनी होती है और इसकी एवज में पर्यावरण मंजूरी की फीस भी देनी होती है। नई व्यवस्था से पंजाब में निवेश करने वाले उद्योगों, कारोबारी और बड़े प्रोजेक्ट के इन्वेस्टर्स काे राहत मिलेगी।
पर्यावरण मंजूरी के लिए प्रोसेसिंग फीस के नए स्लैब
-5 करोड़ रुपये तक- 25,000 रुपये
-5 से 25 करोड़ रुपये तक- 1.50 लाख रुपये
-25 करोड़ से 100 करोड़ रुपये तक- 6.25 लाख रुपये
-100 करोड़ से 250 करोड़ रुपये तक- 15 लाख
-250 से 500 करोड़ रुपये तक- 30 लाख रुपये
-500 करोड़ रुपये से 1000 करोड़ रुपये तक- 50 लाख रुपये
-1000 हजार करोड़ रुपये से ऊपर- 75 लाख रुपये।
(अन्य श्रेणियों जैसे- भवन और निर्माण, क्षेत्र विकास व खनन के लिए फीस पहले जैसे ही रहेगी।)
शेलर मालिकों को अब 5 फीसदी के हिसाब से बैंक गारंटी नहीं देनी होगी
सीएम ने कैबिनेट में खरीफ सीजन 2024-25 के लिए कस्टम मिलिंग नीति को मंजूरी दे दी। शेलर मालिकों को अब 5 फीसदी के हिसाब से बैंक गारंटी नहीं देनी होगी। यहां तक की नई नीति के तहत 10 प्रतिशत सीएमआर सिक्योरिटी वापस की जाएगी। अब कस्टम मिलिंग पर मिलरों को केवल 10 रुपये प्रति टन के हिसाब से भुगतान करना होगा, जो पहले 175 रुपये प्रति टन था। खरीफ मार्केटिंग सीजन 2024-25 तिथि 1 अक्टूबर 2024 से शुरू हो चुका है और खरीद का काम 30 नवंबर 2024 तक पूरा होगा।
डैम की सुरक्षा व सफाई के लिए वर्ल्ड बैंक से 281 करोड़ लेगी सरकार
मंत्री अमन अरोड़ा ने बताया कि कैबिनेट में सरकार ने यह फैसला किया है कि प्रदेश के 14 डैम की सुरक्षा और सफाई व्यवस्था सुनिश्चित करने के लिए वर्ल्ड बैंक से 281 करोड़ रुपये लिए जाएंगे। यह महत्वपूर्ण परियोजना विश्व बैंक के सहयोग से चलाई जाएगी, जिसका उद्देश्य राज्य के डैमों को और अधिक मजबूत बनाना है। 281 करोड़ रुपये की राशि में से 196.7 करोड़ रुपये, जो परियोजना की 70 प्रतिशत लागत है, विश्व बैंक से ऋण के रूप में लिए जाएंगे, जबकि शेष 84.3 करोड़ रुपये की व्यवस्था राज्य के बजट से की जाएगी।