चंडीगढ़। 1 मई से शुरू होने वाले टीकाकरण अभियान पर अब भी संशय बरकरार है। इसका कारण यह है कि सीरम इंस्टीट्यूट ने इस चरण के लिए भेजी गई टीके की एक लाख की खुराक संबंधी डिमांड पर अब भी सकारात्मक जवाब नहीं दिया है। इस पर स्वास्थ्य विभाग काफी चिंतित है।
स्वास्थ्य निदेशक डॉ. अमनदीप कंग का कहना है कि 18 साल से ज्यादा उम्र के लाभार्थी पंजीकरण की प्रक्रिया जारी रखें, क्योंकि जैसे ही इसकी आपूर्ति सुनिश्चित हो जाएगी, सभी स्लॉट खोल दिए जाएंगे। डॉ. कंग ने बताया कि अभियान के तहत चंडीगढ़ के 18 साल से ज्यादा उम्र के कितने लाभार्थी 24 घंटे के दौरान पंजीकरण करा चुके हैं इस संबंध में अलग से जानकारी प्राप्त नहीं की जा सकती, क्योंकि पोर्टल पर पूरे देश से हुए पंजीकरण की संख्या ही प्रदर्शित होती है।
इसके अलावा अगर कम मात्रा में टीके की खुराक मिली तो उसके अनुसार ही अपॉइंटमेंट दिया जाएगा। उन्होंने बताया कि इस चरण के लाभार्थियों की संख्या को ध्यान में रखते हुए स्वास्थ्य विभाग ने सभी टीकाकरण केंद्र तैयार कर दिए हैं। जब तक संबंधित कंपनी टीके की आपूर्ति नहीं करती, तब तक इस चरण के लाभार्थियों को टीका नहीं लगाया जा सकता है। केंद्र सरकार ने 45 साल से ज्यादा उम्र के लोगों को टीका लगाना इसलिए ज्यादा जरूरी समझा है, क्योंकि उनमें संक्रमण की रफ्तार और मृत्यु दर 18 साल से 44 साल के बीच के उम्र वालों की तुलना में ज्यादा है।