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हरियाणा सरकार का बड़ा फैसला, प्रदेश के हर गांव की जमीन के कलेक्टर रेट होंगे तय

Thu, 22 Oct 2020 01:34 PM IST
ajay kumar न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
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सीएम मनोहर लाल, डिप्टी सीएम दुष्यंत चौटाला। - फोटो : फाइल फोटो
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हरियाणा सरकार अब हर गांव की जमीन के कलेक्टर रेट तय करने जा रही है। अभी गांवों का अलग-अलग कलेक्टर रेट नहीं है। हर गांव का अलग कलेक्टर रेट तय करने को लेकर बुधवार को राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग के अधिकारियों की बैठक हुई। इसमें कलेक्टर रेट तय करने को लेकर चर्चा की गई।

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सूत्रों के अनुसार नई योजना के तहत अगर एक तहसील में पचास से सौ गांव हैं तो हर गांव का अलग कलेक्टर रेट होगा। सरकार का मानना है कि इससे जमीनी विवाद कम होंगे और राजस्व का फायदा होगा। कम रेट पर रजिस्ट्री नहीं हो सकेगी। अभी तक पूरे तहसील के रेट के हिसाब से ही कलेक्टर रेट तय कर जमीन की रजिस्ट्री की जा रही है।

वर्तमान में ऐसा भी हो रहा है कि अगर पांच लाख की जमीन है तो उसे दो लाख रुपये की दिखाकर रजिस्ट्री करा रहे हैं। इससे सरकार को काफी राजस्व का नुकसान हो रहा है। गांवों की जमीन के कलेक्टर रेट तय होने के बाद इस पर अंकुश लगेगा। मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने राजस्व विभाग के अधिकारियों को नए साल तक पूरे प्रदेश में सभी जिलों में जमीनों के कलेक्टर रेट तय करने के निर्देश दिए हैं। कलेक्टर रेट में हर साल बदलाव भी किया जाएगा। अधिकारियों को कहा गया है कि कलेक्टर रेट तय करने के लिए पूरे प्रदेश में एक समान पद्धति अपनाई जाए। 
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प्रदेश में कई जिले और तहसीलें ऐसी हैं, जहां जमीनों के रेट काफी ज्यादा हैं, मगर कई जिले व तहसीलें ऐसी हैं, जिनमें रेट कम हैं। सरकार की जानकारी में यह भी आया है कि कहीं-कहीं तो कलेक्टर रेट ज्यादा है और जमीनों का बाजार भाव कम है, जबकि कई जिलों में बाजार भाव ज्यादा है, लेकिन कलेक्टर रेट कम है। नई योजना में इसमें बड़ा बदलाव तय माना जा रहा है।

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