पंजाब पुलिस के सीआईडी विंग में तैनात सीनियर सुपरिंटेंडेंट कुलविंदर सिंह की हत्या के मामले में सोहाना पुलिस ने उस पत्थर को भी बरामद कर लिया है जिसका प्रयोग आरोपी ने हत्या में किया था। उस पत्थर को पुलिस ने कब्जे में लेकर केस प्रॉपर्टी बनाने का फैसला लिया। जब कोर्ट में केस की सुनवाई चलेगी उस समय उक्त पत्थर को अदालत में पेश किया जाएगा।
हालांकि इससे पहले आरोपी द्वारा हत्या में प्रयोग की गई कार भी को भी पुलिस ने बरामद कर लिया है। दूसरी तरफ आरोपी इकबाल सिंह व शीतल को चार दिन का रिमांड खत्म होने के बाद अदालत में पेश किया। आरोपियों का रिमांड लेने के लिए पुलिस ने कई तर्क रखे। इसके बाद अदालत ने आरोपी महिला शीतल को जूडिशियल रिमांड पर भेज दिया। आरोपी कुलविंदर सिंह का दो दिन का रिमांड पुलिस को और मिल गया।
इस गलती से पकड़ में आया आरोपी इकबाल
कुलविंदर की हत्या के बाद इकबाल ने बीस लाख का चेक निकाल लिया था। साथ ही उसे बैंक में जमा करवा दिया था। बैंक की तरफ से 12 मार्च को कुलविंदर के परिवार को इस संबंध में फोन किया गया था। इसके अलावा बैंक के सीसीटीवी कैमरे में आरोपी कैद हो गया था। इतना ही नहीं दस मार्च की रात हत्या के बाद आरोपी इकबाल सिंह चंडीगढ़ के सेक्टर-23 स्थित घर पर रुका था।
मृतक और शीतल की ऐसे हुई थी दोस्ती
सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक मृतक सीनियर सुपरिंटेंडेंट कुलविंदर और शीतल 2006 में एक दूसरे के संपर्क में आए थे। शीतल को अपने पति की मौत के बाद उनकी जगह नौकरी मिली थी। वहीं, कुलविंदर की पत्नी की भी कैंसर के चलते मौत हो चुकी थी। इसी बीच दोनों एक दूसरे करीब आ गए। कुलविंदर का एक बेटा है जिसे इसी महीने कनाडा जाना था। बेटी की शादी हो चुकी है। शीतल की भी एक बेटी है।
ऐसे आई दोनों के रिश्ते में दरार
पुलिस सूत्रों के मुताबिक कुलविंदर और शीतल के साल 2019 तक संबंध बहुत अच्छे थे। गत वर्ष शीतल कुलविंदर को शादी के लिए कह रही थी, लेकिन उसने टाल दिया था। इसे शीतल बर्दाश्त नहीं कर पा रही थी। पुलिस अधिकारी ने बताया कि शीतल 2019 में अपनी बेटी के दाखिले के लिए अमृतसर स्थित गुरु नानक देव यूनिवर्सिटी गई थी। जहां पर उसकी मुलाकात आरोपी इकबाल सिंह से हुई थी। इकबाल सिंह भी वहां पर अपनी बेटी के दाखिले के लिए आया था। इसके बाद दोनों दोस्त बन गए।
कुलविंदर उसे फ्लैट व पैसे देने के लिए भी तैयार था
जानकारी के मुताबिक जब आरोपी इकबाल और शीतल आपस में मिले दोनों के संबंध मधुर हो गए। ऐसे में दोनों का एक दूसरे के यहां आना जाना होगा। इसी बीच शीतल ने इकबाल सिंह को कुलविंदर से अपने रिश्ते के बारे में बताया। इतना ही नहीं शीतल ने इकबाल सिंह की कुलविंदर सिंह से मीटिंग करवाई। इकबाल सिंह कांट्रेक्टर था। कुलविंदर सिंह ने भी उनके साथ प्रॉपर्टी का कारोबार शुरू कर दिया। इतना ही नहीं कुलविंदर ने इकबाल के खाते में दस लाख रुपये भी ट्रांसफर किए थे।
यह बात पुलिस जांच में सामने आ चुकी है। इसी बीच इकबाल और शीतल के संबंध बन गए। फिर इकबाल ने इस बारे में कुलविंदर को बताया। साथ ही कहा कि या तो कुलविंदर शीतल से शादी कर ले या फिर उसे छोड़ दे। इकबाल ने खुलासा किया है कुलविंदर ने शादी के लिए मना कर दिया, लेकिन वह उसे पचास लाख व फ्लैट देने के लिए तैयार था ताकि वह वहां पर रह पाए। हालांकि शीतल ने कुलविंदर के प्रस्ताव को ठुकरा दिया। साथ ही वह उससे छुटकारा चाहती थी। साथ ही उसके साथ अपना जीवन आगे बढ़ाने के लिए तैयार थी।
ऐसे दिया था हत्या को अंजाम
जब कुलविंदर ने शीतल से शादी करने से मना कर दिया तो शीतल ने इकबाल सिंह के साथ मिलकर उसे मारने की योजना बनाई। दोनों ने उसे दस मार्च को करीब करीब सात बजे चंडीगढ़ के केएलसी होटल में बुलाया। वहां पर कुलविंदर और इकबाल मिले। पुलिस का कहना है कि उन्होंने सारा रिकॉर्ड चेक किया।
इसमें साफ हुआ कि दोनों ने वैट व्हीस्की 69 के 36 पैग पीए थे। इसके बाद वे दोनों कार में निकले थे। इसी बीच कार में शीतल के मुद्दे पर दोनों में बहस हो गई। इसके बाद इकबाल कुलविंदर सिंह को कार में सेक्टर-83 ए ले गया था। इसके बाद उसने पत्थर से कुलविंदर की हत्या कर दी थी। उसके शव को लिफाफे में डालकर वहां फेंक दिया था। वहीं, रात को शीतल के पास ही रुका था।