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चंडीगढ़ के सीनियर सिटीजन बोले- कोरोना का सबसे ज्यादा खतरा हमें तो सबसे पहले टीका भी हमें लगे

Mon, 28 Dec 2020 04:09 PM IST
निवेदिता वर्मा संजीव पंगोत्रा, संवाद न्यूज एजेंसी, चंडीगढ़
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Vaccination Trial - फोटो : PTI
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विश्व में कई जगह कोरोना टीकाकरण का विरोध हो रहा है, वहीं चंडीगढ़ के सीनियर सिटीजंस टीकाकरण को लेकर काफी सजग हैं। उनकी मांग है कि कोरोना टीकाकरण में सबसे पहले उन्हें शामिल किया जाए क्योंकि उन्हें ही कोरोना का सबसे ज्यादा खतरा है। 

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सरकार की योजना के मुताबिक, सबसे पहले वैक्सीन उन लोगों को लगेगी, जो सबसे पहले और ज्यादा समय तक वायरस के संक्रमण की जद में रहते हैं। जैसे डॉक्टर, स्वास्थ्य कर्मी, नगर निगम कर्मी और पुलिसकर्मी। उसके बाद सीनियर सिटीजन और उन लोगों का नंबर आएगा, जिनकी उम्र 50 साल से ज्यादा होगी और वो लोग जो किसी दूसरी बीमारी से ग्रसित होंगे। 


चंडीगढ़ के वरिष्ठ नागरिकों ने एक मांग रख दी है कि कोरोना का सबसे ज्यादा खतरा उन्हें है। ऐसे में फ्रंटलाइन कोरोना वॉरियर्स के साथ उन्हें भी पहले फेज में शामिल कर टीकाकरण किया जाए। इस संबंध में चंडीगढ़ सीनियर सिटीजंस एसोसिएशन ने यूटी प्रशासक और उनके सलाहकार को एक पत्र भी सौंपा है।
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एसोसिएशन के प्रधान आईपी पुरी ने बताया कि चंडीगढ़ में कोरोना से सबसे ज्यादा मौतें वरिष्ठ नागरिकों की हुई हैं। बुजुर्ग अपनी तरफ से पूरी तरह से एहतियात बरत रहे हैं, लेकिन खतरा बरकरार है। बुजुर्ग कई महीनों से घर के अंदर कैद हैं। इससे मानसिक तनाव भी उन्हें घेर रहा है। ऐसे में सरकार व प्रशासन को चाहिए कि फ्रंटलाइन कोरोना वॉरियर्स के साथ वरिष्ठ नागरिकों को भी प्राथमिकता दी जाए। 

उनका यह भी तर्क है कि मेडिकल स्टाफ प्रशिक्षित है और अपनी सुरक्षा करना अच्छी तरह से जानता है, लेकिन वरिष्ठ नागरिक इन सबसे अंजान हैं और घरों में कैद हैं। पुरी ने यह भी कहा कि चंडीगढ़ में वरिष्ठ नागरिकों की संख्या ज्यादा है। यदि प्रशासन कदम आगे बढ़ाता है तो उनकी एसोसिएशन पूरी मदद के लिए तैयार रहेगी। सीनियर सिटीजन की मांग का चंडीगढ़ के कई बुजुर्गों ने समर्थन किया है।

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बुजुर्गों को प्राथमिकता दी जाए
कोरोना का सबसे ज्यादा खतरा वरिष्ठ नागरिकों को है। कई ऐसे बुजुर्ग हैं, जो अकेले रहते हैं। उनकी देखभाल करने वाला भी कोई नहीं रहता। ऐसे में फ्रंटलाइन कोरोना वॉरियर्स के साथ शहर के वरिष्ठ नागरिकों का भी टीकाकरण किया जाना चाहिए। -मान कौर, एथलीट

प्रशासन गंभीरता से सोचे 
वरिष्ठ नागरिकों की प्रशासन और सरकार दोनों को हर तरह से मदद करनी चाहिए, जिसमें सुरक्षा से लेकर उनकी दूसरी दिक्कतें भी शामिल हैं। कोरोना से कोई अछूता नहीं रहा है। बुजुर्ग लोगों को वैक्सीन की सबसे ज्यादा जरूरत है। ऐसे में प्रशासन से अपील है कि जैसे ही वैक्सीन आए, वरिष्ठ नागरिकों को प्राथमिकता दी जाए। -मिल्खा सिंह, पूर्व भारतीय एथलीट

जिन पर खतरा सबसे ज्यादा, उन्हें मिले प्राथमिकता 
सीनियर सिटीजन की देखभाल करना प्रशासन व सरकार की प्राथमिकता में शामिल होना चाहिए। वैक्सीन की जरूरत सभी को है लेकिन उन्हें सबसे पहले लगनी चाहिए, जिन पर खतरा सबसे ज्यादा है। प्रशासन इस बारे में गंभीरता से सोचे और तैयारी करे। -महेंद्र सिंह विर्क, विंग कमांडर (सेवानिवृत्त), सेक्टर-38 वेस्ट

वरिष्ठ नागरिकों को टीके की सबसे ज्यादा जरूरत
डब्ल्यूएचओ की स्टडी के मुताबिक, कोरोना की चपेट में सबसे अधिक बुजुर्ग लोग ही आ रहे हैं। ऐसे में टीके की जरूरत वरिष्ठ नागरिकों को सबसे अधिक है। ऐसे में प्रशासन को चाहिए कि वह वरिष्ठ नागरिकों का टीकाकरण पहले कराए।  -सुभाष मलिक, प्रधान सीनियर सिटीजन एसोसिएशन सेक्टर-40

कई महीनों से घरों में कैद हैं बुजुर्ग
मैं कई महीनों से वरिष्ठ नागरिकों के बीच हूं। वह कई महीनों से घरों के अंदर बंद हैं। ऐसे में कई बुजुर्ग मानसिक परेशानियों से घिर चुके हैं। उनके बारे में प्रशासन को सोचना चाहिए। वैक्सीन लगने के बाद ही वह घर से बाहर निकल पाएंगे। इसलिए प्रशासन इस प्रस्ताव पर तुरंत विचार करे। -आईपी पुरी, प्रधान सीनियर सिटीजन एसोसिएशन
 
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