किसान आंदोलन देश के 500 शहरों में पहुंचाने का लक्ष्य
ऑल इंडिया किसान संघर्ष को-ऑर्डिनेशन कमेटी की ओर से दी गई जानकारी के अनुसार दिसंबर के अंत तक इस रणनीति पर काम किया जाएगा। रणनीति के तहत तय किया गया है कि कृषि कानूनों के खिलाफ यह किसान आंदोलन देश के 15 से अधिक राज्यों के 500 शहरों तक पहुंचाया जा सके। इसी पर किसान संगठन कार्य करने में लगे हुए हैं।
विपक्ष का भी मिल रहा है साथ
कांग्रेस सहित पंजाब के अन्य विपक्षी दल भी किसानों के आंदोलन को विस्तार देने में लगे हुए हैं। शिरोमणि अकाली दल ने आंदोलन को गति देने के उद्देश्य से पार्टी के तीन वरिष्ठ नेताओं की कमेटी का गठन किया है, जो दूसरे राज्यों में जाकर किसान आंदोलन में सहयोग देने को लेकर समर्थन जुटा रहे हैं। कांग्रेस और आप भी शिअद की राह पर हैं। दोनों पार्टियों के वरिष्ठ नेता केंद्र के कृषि कानूनों के खिलाफ एकजुट होकर काम कर रहे हैं।
दिल्ली धरने में बैठे किसान संगठनों में लगभग 25 किसान संगठन इस रणनीति पर कार्य कर रहे हैं। धीरे-धीरे राज्य के अन्य संगठनों का भी इसमें साथ मिलना शुरू हो गया है। जल्द ही पंजाब और हरियाणा से शुरू हुए इस किसान आंदोलन को विस्तारित किया जाएगा। - सतबीर सिंह, महासचिव, कीरती किसान यूनियन, पंजाब।
कृषि कानूनों के खिलाफ किसानों का आंदोलन अब देश व्यापी हो चुका है। किसान संगठनों की यह पहल अच्छी है। केंद्र सरकार के अड़ियल रुख को देखते हुए पंजाब और हरियाणा के साथ-साथ अन्य राज्यों में भी आंदोलन तेज हो चुका है। जल्द ही इसके अच्छे परिणाम आने शुरू हो जाएंगे। - सुखदेव सिंह कोकरी कलां, महासचिव, भाकियू एकता (उगराहां)।