सेलवेल कंपनी की मुश्किलें बढ़ने जा रही हैं। नगर निगम ने 12 करोड़ की रिकवरी के बदले में अब सेलवेल कंपनी की प्रापर्टी जब्त करने का निर्णय लिया है। अधिकारियों को देश भर में सेलवेल कंपनी की जितनी भी प्रापर्टी है उसकी सूची तैयार कर डीसी कार्यालय को देने के लिए कहा है।
12 करोड़ रुपये की रिकवरी लेने के मामले में मेयर अरुण सूद ने मंगलवार देर शाम जन स्वास्थ्य और रोड विंग के 15 अधिकारियों की बैठक बुलाई थी जिसमें उन्होंने कंपनी को ब्लैक लिस्ट की प्रक्रिया शुरू करने काभी आदेश दिया है। इसके साथ ही मेयर ने एक ऐसा अधिकारी नियुक्त करने के लिए भी कहा है जो कि विशेष तौर सेलवेल कंपनी का मामला ही डील करेगा।
मेयर अरुण सूद ने अधिकारियों को निर्देश दिया है कि कंपनी से रिकवरी हर हालत में होनी चाहिए। रिकवरी के लिए नगर निगम कई बार कंपनी को नोटिस जारी कर चुका है। मालूम हो कि सेलवेल कंपनी को दिए गए पब्लिक टॉयलेट्स का मामला पिछले 5 साल से विवाद में है।
नगर निगम के अनुसार एक तो कंपनी ने बार बार नोटिस जारी करने के बाद 12 करोड़ से ज्यादा का विज्ञापन शुल्क जमा नहीं करवाया है और दूसरा जो पब्लिक टायलेट कंपनी ने नगर निगम को वापस दिए हैं वे वह उस स्थिति में नहीं है जिस स्थिति में कंपनी को चलाने के लिए अलाट किए गए थे।
कई पब्लिक टॉयलेट की हालत काफी खस्ता है उनमें से कई टायलेट के अंदर से सामान तक गायब हैं। जबकि नियमों के अनुसार सेलवेल कंपनी को रिपेयर करवा कर पब्लिक टायलेट नगर निगम को वापस लौटाने थे।
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अधिकारियों के साथ बैठक कर सेलवेल कंपनी की देश भर में जितनी भी प्रापर्टी है उनकी सूची तैयार करने के लिए कहा गया है। इसके साथ ही कंपनी को ब्लैक लिस्ट करने की प्रक्रिया भी शुरू करने के लिए कहा गया है।
अरुण सूद, मेयर