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Chandigarh News: महिला डॉक्टरों के साथ नाइट शिफ्ट में राउंड पर तैनात रहेगा सुरक्षाकर्मी

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-अस्पतालों में सुरक्षा व्यवस्था पर नई गाइडलाइंस तैयार
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-सभी सरकारी अस्पतालों के डार्क स्पॉट पर लगाए जाएंगे 3600 सीसीटीवी कैमरे
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अमर उजाला ब्यूरो
चंडीगढ़। कोलकाता में महिला डॉक्टर की साथ हुई घटना के बाद पंजाब के स्वास्थ्य विभाग ने प्रदेश के अस्पतालों में सुरक्षा-व्यवस्था सुनिश्चित करने की दिशा में ठोस कदम उठाए हैं। पंजाब के स्वास्थ्य मंत्री डॉ. बलबीर सिंह ने बताया कि इसको लेकर विभाग ने नई गाइडलाइंस तैयार कर जारी कर दी हैं। अब नाइट शिफ्ट पर विशेष तौर पर महिला डॉक्टर, मेडिकल ऑफिसर या नर्सिंग ऑफिसर अगर अस्पताल के किसी भी वार्ड, ऑपरेशन थिएटर या किसी ब्लॉक में ड्यूटी के चलते दौरा करती है, तो उसके साथ एक सिक्योरिटी गार्ड तैनात रहेगा। अस्पताल में महिला स्टाफ की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए हर डार्क स्पॉट पर सीसीटीवी कैमरा लगाए जाएंगे।

स्वास्थ्य विभाग की ओर से प्रदेश के सभी सरकारी अस्पतालों और स्वास्थ्य केंद्रों पर प्रथम चरण में कुल 3600 सीसीटीवी कैमरा इंस्टाल किए जाएंगे। एक हफ्ते के प्रदेश के सरकारी अस्पतालों के प्रबंधन से एक सितंबर तक कुल डार्क स्पॉट की रिपोर्ट मांगी है, जहां सीसीटीवी कैमरे लगाए जाने हैं। इसके अलावा जिन अस्पतालों या स्वास्थ्य केंद्रों पर पुलिस चौकी की व्यवस्था नहीं है, उसके लिए डीजीपी से बातचीत की गई है। डीजीपी ने प्रदेश के सभी पुलिस कमिश्नरेट और एसएसपी को अपने एरिया के सरकारी और प्राइवेट अस्पतालाें में पुलिस चौकी या हेल्प डेस्क व्यवस्था सुनिश्चित करने के लिए कहा है।
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मेडिकल कॉलेजों में सैक्सुअल हरासमेंट के खिलाफ बनी कमेटियों के रिव्यू के आदेश
स्वास्थ्य मंत्री डॉ. बलबीर सिंह ने बताया कि मेडिकल कॉलेजों में सैक्सुअल हरासमेंट के खिलाफ बनाई कमेटियों के रिव्यू को लेकर आदेश जारी किए हैं। उन्हाेंने बताया कि प्रदेश के हर गवर्नमेंट मेडिकल कॉलेज और अस्पताल में बनाई गई इन कमेटी से रिपोर्ट तलब की गई है, बीते एक साल में इन कमेटी के पास कितनी शिकायतें आईं और इस पर कमेटी ने क्या कार्रवाई की, इसको लेकर प्रबंधनों से रिपोर्ट तलब की है। यहां तक कि जिन प्राइवेट या सरकारी अस्पतालों में यौन उत्पीड़न के खिलाफ शिकायत देने संबंधित समिति गठित नहीं है, वहां तत्काल प्रभाव से कमेटी गठित करने के लिए कहा गया है, ऐसा न करने पर अस्पताल और मेडिकल कॉलेज प्रबंधन के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
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हर महीने रिव्यू करना होगा सिक्योरिटी सिस्टम
नई गाइडलाइंस के तहत ऐसी व्यवस्था की गई है कि अब प्रदेश के हर सरकारी अस्पताल और मेडिकल कॉलेज को अपने स्टाफ और मेडिकल छात्राओं की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर रिव्यू करना होगा। अगर कोई खामी सामने आती है या सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित करने के लिए कोई आवश्यक कदम उठाना है, तो उसको लेकर स्वास्थ्य सचिव के सचिव को इसकी रिपोर्ट देना होगी। ऐसा न करने पर खामियां पाए जाने पर प्रबंधन पर कार्रवाई की जाएगी।
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