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Chandigarh News: 400 मेडिकल अफसरों की होगी भर्ती<bha>;</bha> चार सितंबर तक आवेदन, टेस्ट आठ को

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-अस्पतालों मेें डॉक्टरों की कमी होगी पूरी, बाबा फरीद यूनिवसिर्टी ने शुरू की प्रक्रिया
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अमर उजाला ब्यूरो
चंडीगढ़। पंजाब के सभी सरकारी अस्पतालों में डॉक्टरों की कमी जल्द ही पूरी हो जाएगी, क्योंकि स्वास्थ्य विभाग की तरफ से चार साल बाद रेगुलर भर्ती की जा रही है। 400 मेडिकल अफसरों के पदों पर बाबा फरीद यूनिवर्सिटी ऑफ हेल्थ साइंस की तरफ से ये भर्ती प्रक्रिया शुरू की गई है। यूनिवर्सिटी ने इस संबंध में नोटिस भी जारी कर दिया गया है। 4 सितंबर तक इच्छुक उम्मीदवार भर्ती के लिए www.bfuhs.ac.in वेबसाइट पर जाकर अपना आवेदन कर सकते हैं, जिसके बाद ही 8 सितंबर को टेस्ट होगा। टेस्ट के नतीजों के आधार पर ही सफल उम्मीदवारों की सूची जारी की जाएगी।
2020 में आखिरी बार भर्ती हुई थी। हालत ये है कि विभाग में 2293 स्वीकृत पदों में से एक हजार के करीब पद खाली पड़े हैं। इस कारण जिला अस्पतालों में तैनात डॉक्टरों पर काम का बोझ लगातार बढ़ता जा रहा है। यही कारण है कि स्वास्थ्य विभाग ने हाल ही में यूनिवर्सिटी को लेटर लिखा था कि 400 पदों पर मेडिकल अफसरों की भर्ती की प्रक्रिया को जल्द शुरू किया जाना चाहिए। लुधियाना में 157 स्वीकृति पदों में से 80 मेडिकल अफसर ही काम कर रहे हैं। इसी तरह तरनतारन में 132 स्वीकृति पदों में से 43 और बठिंडा में 132 स्वीकृति पदों में से 52 मेडिकल अफसर ही तैनात हैं। इस कमी को पूरा करने के लिए ही पहले चरण में विभाग की तरफ से 400 पदों पर भर्ती की जा रही है, जबकि बाकी पदों पर भर्ती के संबंध में भी जल्द ही फैसला लिया जाएगा।
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किस श्रेणी में कितने पद
विभाग के अनुसार इनमें 34 पद जनरल कैटेगरी की महिलाओं, 23 पद जनरल कैटेगरी ईडब्ल्यूएस, 9 पद जनरल कैटेगरी ईडब्ल्यूएस महिलाओं, जनरल कैटेगरी के लिए कुल पद 89, एससी महिला कैटेगरी के लिए 26 और स्पोर्ट्स कैटेगरी में 8 और स्पोर्ट्स महिला कैटेगरी में 3 पदों पर भर्ती की जाएगी। इसके अलावा भी विभाग की तरफ से अलग-अलग कैटेगरी में पद आरक्षित रखे गए हैं।
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स्पेशलिस्ट डॉक्टरों की कमी का करना पड़ रहा सामना
सरकार को खासकर स्पेशलिस्ट डॉक्टरों की भर्ती में काफी परेशानी का सामना करना पड़ा रहा है। भर्ती के बाद ही डॉक्टर थोड़े समय में ही निजी क्षेत्र में जाने के लिए नौकरी छोड़ देते हैं। सहयोगी कर्मचारियों की कमी होने से भी डॉक्टरों पर अधिक दबाव रहता है, जिसके चलते जल्द ही वह थोड़े समय में ही नौकरी को अलविदा कह देते हैं। पंजाब सिविल मेडिकल सर्विसेज एसोसिएशन की तरफ से भी सरकार पर लंबे समय से दबाव बनाया जा रहा है कि खाली पड़े दों पर जल्द भर्ती की जानी चाहिए। साथ ही वह इस मौजूदा भर्ती प्रक्रिया को भी जल्द ही पूरा करने की मांग कर रहे हैं। एसोसिएशन के प्रधान डाॅ. अखिल सरीन ने कहा कि सरकार ये अच्छा कदम है, लेकिन वह मांग करते हैं कि हर साल नियमित रूप से डॉक्टरों के खाली पड़े पदों पर भर्ती होनी चाहिए।
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